कलेक्टर की जांच समिति ने उजागर की “अक्षम्य चूक”, 48 घंटे में मांगा जवाब ! 85 यूनिट खून स्टॉक में था, फिर भी नहीं बची दीपिका की जान

कलेक्टर की जांच समिति ने उजागर की “अक्षम्य चूक”, 48 घंटे में मांगा जवाब ! 85 यूनिट खून स्टॉक में था, फिर भी नहीं बची दीपिका की जान

सिकल सेल पीड़िता को समय पर नहीं मिला रक्त, पिता डोनर की तलाश में भटकते रहे

दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में सिकल सेल बीमारी से पीड़ित युवती दीपिका की मौत के मामले में जांच के बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि अस्पताल के ब्लड बैंक में ‘ओ पॉजिटिव’ रक्त समूह की 85 यूनिट उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को समय पर रक्त नहीं चढ़ाया गया, जिसके चलते उसकी जान नहीं बच सकी। मामले में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 9 स्वास्थ्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, दीपिका को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने तत्काल रक्त चढ़ाने की आवश्यकता बताई थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पहले रक्तदाता लाने की शर्त रख दी। इस दौरान युवती के पिता डोनर की तलाश में जुटे रहे और आवश्यक उपचार में देरी होती गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने अस्पताल की उपचार प्रक्रिया, ब्लड बैंक के रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच की। रिपोर्ट में कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही और “अक्षम्य चूक” पाए जाने की बात सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने 9 स्वास्थ्य कर्मचारियों को नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार ब्लड ट्रांसफ्यूजन से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल का समुचित पालन नहीं किया गया, जिससे मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल सका।

परिजनों का आरोप है कि ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त उपलब्ध होने के बावजूद नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देकर रक्त देने में देरी की गई। इस देरी ने एक युवा जिंदगी छीन ली और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि जवाब मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और सभी की नजरें आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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