साय कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को प्रति एकड़ ₹15 हजार सहायता, 240 ई-बसों को मिली मंजूरी

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को प्रति एकड़ ₹15 हजार सहायता, 240 ई-बसों को मिली मंजूरी

पावर ट्रांसमिशन कंपनी के IPO को सैद्धांतिक मंजूरी, निवेशकों के लिए खुलेंगे नए अवसर,खनिज परिवहन में RFID अनिवार्य, योग विभाग चिकित्सा शिक्षा के अधीन होगा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, परिवहन, ऊर्जा, खनन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने राज्य के विकास, किसानों की आय बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। इससे आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय मजबूती और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।

कृषकों को राहत देते हुए मंत्रिपरिषद ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी। इसके तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना क्रय करने की अनुमति दी गई है, जिससे खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा।

कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करने का निर्णय लिया। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।

प्रदेश में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त किया गया। इससे शहरी परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि क्रय पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। इससे नवा रायपुर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

वहीं, अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य होगी। साथ ही खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

कैबिनेट के इन फैसलों को किसानों, निवेशकों, आम उपभोक्ताओं और प्रदेश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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