रायपुर। छत्तीसगढ़ को उसका 13वां मुख्य सचिव मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी विकास शील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि “2047 के लिए जो विजन तैयार किया गया है, उसे साकार करना एक बड़ा लक्ष्य है। अपने 30 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव का उपयोग छत्तीसगढ़ की प्रगति में करूंगा।”
ईमानदार और जिम्मेदार प्रशासन पर जोर
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि “जहां भी गड़बड़ियां पाई जाएंगी, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
घर वापसी की अनुभूति
केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में लंबे कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में वापसी को उन्होंने “घर वापसी” करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “ऐसा लग नहीं रहा था कि मैं वापस आऊंगा, लेकिन अब यह घर लौटने जैसा अनुभव है।”
लंबा प्रशासनिक सफर
10 जून 1969 को जन्मे विकास शील इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई-एमई करने के बाद अमेरिका की सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर और एक्जीक्यूटिव मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं। वे कोरिया, बिलासपुर और रायपुर जिले के कलेक्टर रह चुके हैं। साथ ही शिक्षा, खाद्य, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
केंद्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव
विकास शील ने भारत सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर भी रहे। हाल ही में वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक पद पर तैनात थे।
भविष्य की प्राथमिकताएं
मुख्य सचिव ने कहा कि विजन 2047 के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सुशासन को मजबूती देना उनकी प्राथमिकता होगी।