YC न्यूज़ डेस्क । पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में गुस्से का माहौल है। हर कोई पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है। इसी बीच राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बयानों ने एक बार फिर विवाद को हवा दे दी है, जिससे बीजेपी को राष्ट्रवाद की पिच पर खेलने का सुनहरा मौका मिल गया है।
रॉबर्ट वाड्रा ने हमले पर दुख जताते हुए कहा कि हिंदुत्व की राजनीति ने देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पैदा कर दी है, जिससे आतंकियों को अपनी साजिशों को अंजाम देने में सुविधा मिल रही है। वहीं कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सवाल उठाया कि क्या यह हमला विभाजन के अधूरे सवालों का नतीजा है? उन्होंने कहा कि आज भी देश में मुसलमानों को पूरी स्वीकृति और सम्मान नहीं मिलता।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में उन्हें बिहार चुनाव प्रचार में नहीं बल्कि सर्वदलीय बैठक में शामिल होना चाहिए था। उन्होंने युद्ध के बजाय कड़े सुरक्षा उपायों पर जोर देने की बात कही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बयानों की टाइमिंग बेहद असंवेदनशील रही। जब पूरा देश एकजुट होकर पाकिस्तान के खिलाफ कठोर रुख चाहता है, तब इस तरह के बयान कांग्रेस को जनता की भावनाओं से कटता हुआ दिखाते हैं। बीजेपी ने भी तुरंत इन बयानों को राष्ट्रहित के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।