जामगांव आर/अभिषेक सेन । छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते हुए पाटन ब्लॉक के ग्राम नवागांव बी के बच्चों ने अक्षय तृतीया (अक्ति) पर्व को इस बार बेहद अनोखे और पारंपरिक अंदाज़ में मनाया। बच्चों ने राम और सीता के प्रतीकात्मक विवाह का आयोजन कर गांव में उल्लास और संस्कृति की छटा बिखेर दी। मौके पर बच्चों ने अपने पालकों के सहयोग से विवाह समारोह के लिए बाकायदा आमंत्रण पत्र छपवाया और घर-घर जाकर आमंत्रण दिया। कार्ड में पुतरा के रूप में “रामचंद्र पिता दशरथ, निवासी अयोध्या” और पुतरी के रूप में “सीता पिता जनकराम, निवासी जनकपुरी” अंकित था। उन्होंने विवाह मंडप सजाया और हल्दी, चुलमाटी, तेल, मायन जैसी पारंपरिक रस्में निभाईं।
दूल्हे की प्रतीकात्मक बारात भी निकाली गई, जिसमें गांव के बड़ों और बच्चों ने समान उत्साह से भाग लिया। टीकावन के दौरान पुतरी-पुतरा को उपहार भी दिए गए। कार्यक्रम में बच्चों सहित उनके अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही।
अभिषेक सेन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन हर वर्ष किया जाता है, परंतु इस बार विशेष बात यह रही कि विवाह की सभी पारंपरिक रस्में पूरी विधि-विधान से संपन्न की गईं और ग्रामवासियों को भोज के लिए आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम की जिम्मेदारी निभा रहे रितिक साहू की भूमिका की सभी ने सराहना की। इस अवसर पर शिवकुमार साहू, रामअवतार सेन, दाऊराम साहू, सरपंच प्रतिनिधि जयप्रकाश साहू, उपसरपंच छगनलाल साहू सहित अनेक गणमान्य ग्रामवासी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता का प्रेरक बना बल्कि समस्त गांववासियों के लिए आनंद और सहभागिता का अवसर भी बना।