पाटन/मनोज साहू । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निर्देशानुसार एवं महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा के मार्गदर्शन में संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय, मर्रा में अक्षय तृतीया के अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी कृषि पर्व “अक्ती तिहार” बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 11 बजे कृषि महाविद्यालय के प्रक्षेत्र में की गई, जहां प्रक्षेत्र प्रभारी सहायक प्राध्यापक डॉ. किरण कुमार नागराज और डॉ. मधुलिका सिंह के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ महतारी, धरती माता और बीजों की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात प्रतीकात्मक रूप से बीज बुआई कर इस पारंपरिक कृषि पर्व की शुरुआत की गई।
डॉ. नागराज ने “अक्ती तिहार” की महत्ता बताते हुए कहा कि यह पर्व छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है। किसान इस दिन ग्राम देवता व धरती माता से फसल की बुआई हेतु अनुमति लेते हैं। सीमित क्षेत्र में बीजों की बुआई कर उनकी अंकुरण क्षमता का परीक्षण भी किया जाता है।
डॉ. मधुलिका सिंह ने पर्व के सांस्कृतिक व पौराणिक महत्व को विस्तार से बताते हुए छात्रों को कृषि कार्यों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया और धान की बुआई की निगरानी हेतु टीम बनाकर नियमित देख-रेख करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे ।