रायपुर। शिक्षक भर्ती–2023 में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे डीएड–बीएड संघ के अभ्यर्थियों का गुरुवार को शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन उग्र हो गया। धरने के दौरान दो डीएड अभ्यर्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने तत्काल दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। बेहोश हुए अभ्यर्थियों की पहचान मृगेंद्र राजवाड़े और हलधर राम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, डीएड–बीएड संघ के अभ्यर्थी 24 दिसंबर से लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन अनशन किया और फिलहाल मौन व्रत पर बैठकर सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
सैकड़ों पद खाली, नियुक्ति नहीं
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती–2023 में सहायक शिक्षक के सैकड़ों पद रिक्त हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई है। इसी कारण अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश है और आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने भी शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार याचिका क्रमांक WPS 3052/2025, 3999/2025 और 3946/2025 में हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
विधानसभा में उठ चुका है मुद्दा
17 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रिकेश सेन ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद कितने बीएड सहायक शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर कितने डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया था कि 2621 बीएड सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से 1319 पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 1302 पद अभी भी रिक्त हैं। हालांकि, इन पदों पर भर्ती की समय-सीमा को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
1:3 के अनुपात में भर्ती की मांग
शिक्षा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से रायपुर के तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों का तत्काल पालन किया जाए।