दुर्ग। नगर निगम क्षेत्र में बुधवार सुबह हड़कंप मच गया, जब जल घर की पानी टंकी के अंदर कर्मचारियों ने एक शव तैरता हुआ देखा। करीब 30 फीट गहरी इस टंकी में शव की मौजूदगी की सूचना मिलते ही नगर निगम प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकालकर मर्चरी भेज दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि शव लगभग तीन दिन पुराना है। बताया जा रहा है कि कई दिनों से शव टंकी में फंसा हुआ था और पानी का स्तर बढ़ने पर सतह पर आ गया। यही वजह है कि घटना अब सामने आ सकी। इस जल घर से प्रतिदिन हजारों घरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है, इसलिए इस घटना के बाद जल आपूर्ति व्यवस्था और सुरक्षा के मानकों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि घटना सामने आने से पहले सप्लाई सामान्य रूप से जारी थी।
◆नेता प्रतिपक्ष ने बताया घोर लापरवाही
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने इसे प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा बताया है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पुराना शव टंकी में होने के बावजूद पानी की सप्लाई जारी रखना नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
◆ शव की पहचान नहीं, हालत बेहद खराब
शव पूरी तरह सड़ी-गली अवस्था में मिला है, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच मानी जा रही है। डीएसपी भारती मरकाम ने बताया कि एफएसएल टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया गया है। शव जल घर की मशीन के पास फंसा हुआ था। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और मृतक की पहचान के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
◆जल सप्लाई रोकी गई, सफाई के निर्देश जारी
घटना के बाद नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से पेयजल आपूर्ति को रोक दिया है। जल घर की पूरी तरह सफाई और सैनिटाइजेशन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और लोग जलापूर्ति की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।