रायपुर। छत्तीसगढ़ इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। कहीं पक्षी आसमान से गिर रहे हैं, तो कहीं पेड़ों पर रहने वाले चमगादड़ों की मौत हो रही है। इस बार की गर्मी ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कोरबा जिले के पाली विकासखंड में अत्यधिक गर्मी और लू के कारण करीब 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। नौकोनिया तालाब के आसपास शनिवार को अचानक बड़ी संख्या में चमगादड़ पेड़ों से नीचे गिरने लगे। कुछ ही देर में कई चमगादड़ों ने दम तोड़ दिया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
पाली वन परिक्षेत्र के रेंजर योगेश्वर बंजारे ने बताया कि शुरुआती जांच में चमगादड़ों की मौत का कारण हीटस्ट्रोक माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इलाके में लगातार 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया जा रहा है, जबकि तेज गर्म हवाओं ने स्थिति और गंभीर बना दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार बढ़ती गर्मी और जल स्रोतों के सूखने से पक्षियों और वन्यजीवों के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है। पेड़ों पर रहने वाले जीव तेज गर्मी और गर्म हवाओं से खुद को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। कई इलाकों में पक्षियों के बेहोश होकर गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
इधर मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के मध्य हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है।