जामगांव आर को तहसील बनाने व शासकीय अस्पताल स्थापना की मांग तेज, CM साय के समक्ष उठा मुद्दा—शीघ्र प्रशासनिक परीक्षण उपरांत स्वीकृति का भरोसा ! जिपं सभापति कल्पना और भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश का प्रयास रंग लाने की उम्मीद..

( सांसद विजय बघेल की अनुशंसा के बाद माँग पूरी होने की उम्मदी बढ़ी )

जामगांव आर। दक्षिण पाटन क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक और व्यावसायिक केंद्र जामगांव आर में उपतहसील को तहसील में अपग्रेड करने एवं शासकीय अस्पताल की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। रविवार को ग्राम भरर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल ने जामगांव आर को तहसील का दर्जा देने की अनुशंसा करते हुए इसे जनहित में आवश्यक बताया। वहीं जिला पंचायत सदस्य कल्पना नारद साहू ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खोलने की मांग रखते हुए क्षेत्र की वर्षों पुरानी जरूरतों और जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जामगांव आर में अस्पताल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है, पंचायत की सहमति प्राप्त है तथा संबंधित विभागों की सकारात्मक अभिमत भी दिया जा चूका है। दोनों मांगो पर सांसद विजय की अनुशंसा के बाद सीएम साय ने जल्द कार्यवाही का भरोसा दिलाया है जिससे अंचल में खुशियों की लहर दौड़ गई है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने पूर्ण तहसील का दर्जा देने की माँग रखी –

दूसरी ओर भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश साहू एवं महामंत्री पूरनेन्द्र सिन्हा ने जामगांव आर उपतहसील को पूर्ण तहसील में अपग्रेड करने की मांग को दोहराते हुए कहा कि इस विषय पर सभी दलों के जनप्रतिनिधियों में सहमति है। बताया गया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वस्त किया कि विषय का प्रशासनिक परीक्षण कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।

•IPHS मानक पूरे, 2 एकड़ जमीन तैयार… अब अस्पताल स्वीकृति की बढ़ी उम्मीद-

गौरतलब है कि जामगांव आर, ब्लॉक पाटन, जिला दुर्ग की 35 ग्राम पंचायतों का मुख्य केंद्र है, जहां उपतहसील कार्यालय, शासकीय नवीन महाविद्यालय, थाना, सहकारी बैंक और छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखाएं संचालित हैं। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक लोगों का आवागमन यहां होता है।
इसके बावजूद क्षेत्र में अब तक कोई शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र स्थापित नहीं हो पाया है, जिससे लगभग 45 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। प्रसव, दुर्घटना, हृदयाघात और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को 18 से 36 किलोमीटर दूर पाटन या दुर्ग जाना पड़ता है, जिससे “गोल्डन ऑवर” में उपचार नहीं मिल पाता। भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (IPHS 2022) के अनुसार 30 हजार की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आवश्यक है, जबकि जामगांव आर क्षेत्र की आबादी इससे अधिक है। ऐसे में यहां स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना नियमसंगत और अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है। ग्राम पंचायत द्वारा अस्पताल निर्माण हेतु 2 एकड़ शासकीय भूमि आरक्षित करने का प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है, जिससे अब इस मांग को शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *