दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन दुर्ग के बैनर तले कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकालते हुए राज्य सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। इसके पश्चात माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपा गया।
फेडरेशन के प्रमुख सलाहकार एवं संभागीय संयोजक राजेश चटर्जी, जिला संयोजक विजय लहरे, महासचिव अनुरूप साहू सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। ज्ञापन में कर्मचारियों ने प्रमुख रूप से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित करने, 8, 16, 24 एवं 32 वर्षों में समयमान वेतनमान लागू करने, 300 दिवस तक अर्जित अवकाश नगदीकरण, वेतन विसंगतियों को दूर करने एवं पिगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
इसके अलावा शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ देने, सहायक शिक्षकों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति पर लगी 10 प्रतिशत की सीमा समाप्त करने, पंचायत सचिवों के शासकीयकरण एवं नगरीय निकाय कर्मचारियों के नियमित वेतन और पदोन्नति की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
फेडरेशन ने सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण, आधार बेस्ड अटेंडेंस प्रणाली समाप्त करने तथा सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति पर रोक लगाने के साथ ही रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग भी रखी। फेडरेशन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव द्वारा दी गई।