दुर्ग में दिव्य हनुमंत कथा के मंच से दिया बड़ा बयान, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में खुलकर बोले उपमुख्यमंत्री
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को दुर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने दिव्य हनुमंत कथा कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने मंच से प्रसिद्ध कथावाचक एवं आध्यात्मिक गुरु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के चार्टर्ड प्लेन विवाद पर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया, जो राजनीतिक व सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की और बालाजी की आरती में भी शामिल हुए। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से बाबा बागेश्वर के चरणों में नमन है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।विजय शर्मा ने कहा, “मैं स्वयं महाराज की यात्राओं में शामिल रहा हूं, उनके कार्यों को बहुत करीब से देखा है। सनातन धर्म और समाज के लिए उनका समर्पण अद्भुत है।”
• समरस समाज के लिए बाबा बागेश्वर का संघर्ष
डिप्टी सीएम ने कहा कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री समाज में फैली ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यात्राओं के दौरान उन्होंने महाराज के पैरों में पड़े छाले तक देखे हैं, लेकिन उनके संकल्प में कभी कमी नहीं आई।“यही त्याग और तपस्या उन्हें करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बनाती है,” विजय शर्मा ने कहा।
• चार्टर्ड प्लेन विवाद पर सख्त और भावुक जवाब
चार्टर्ड प्लेन को लेकर उठ रहे सवालों पर विजय शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा—“कुछ लोग बेवजह और उटपटांग बातें कर रहे हैं। जिन संतों के प्रति इतनी बड़ी जनआस्था है, जब वे छत्तीसगढ़ आना चाहेंगे, तो हम और छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें अपने कंधों और पलकों पर बिठाकर लाएंगे।”
• छत्तीसगढ़ की जनता को संदेश
डिप्टी सीएम ने कहा कि बाबा बागेश्वर का बार-बार छत्तीसगढ़ आगमन होना चाहिए, क्योंकि ऐसे संत समाज को सकारात्मक दिशा और सांस्कृतिक चेतना प्रदान करते हैं।
•नक्सलवाद पर भी बोले विजय शर्मा
कार्यक्रम के दौरान नक्सलवाद के मुद्दे पर भी उपमुख्यमंत्री ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के समापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले तीन महीनों में इसका निर्णायक समाधान होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का मार्गदर्शन और चिंता सरकार के साथ बनी हुई है। “नक्सलवाद समाप्त होने के बाद महाराज जी का पुनः छत्तीसगढ़ आगमन हो, यही हमारी प्रार्थना है,” विजय शर्मा ने मंच से कहा।