रानीतराई। तांदुला जलाशय में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद सिपकोन्हा माइनर के टेल एरिया सहित दक्षिण पाटन के कई गांवों के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। धान की फसल को अंतिम सिंचाई की जरूरत है, लेकिन नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है। नाराज किसानों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द पानी उपलब्ध कराने और संबंधित एसडीओ राजेंद्र सोनी को हटाकर दूसरे अधिकारी को प्रभार देने की मांग की है। किसानों ने दो दिन के भीतर पानी नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
नौ गांवों के किसान परेशान
किसानों के अनुसार, रानीतराई सिंचाई शाखा के अंतर्गत सिपकोन्हा माइनर के अंतिम छोर पर स्थित औसर, डिघारी, पाहंदा, खपरी, चुलगहन, कौही, असोगा, डीड़गा और रेंगाकठेरा सहित आसपास के गांवों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है और इस समय एक अंतिम सिंचाई भी नहीं मिली, तो सालभर की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
एसडीओ पर लापरवाही का आरोप, हटाने की मांग
किसानों ने संबंधित एसडीओ राजेंद्र सोनी पर क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करने, मौके पर निरीक्षण नहीं करने और पानी की उपलब्धता को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि एसडीओ के पास कवर्धा और सिपकोन्हा क्षेत्र का दोहरा प्रभार होने तथा दोनों स्थानों के बीच करीब 300 किलोमीटर की दूरी होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने एसडीओ को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। ये आरोप किसानों द्वारा ज्ञापन में लगाए गए हैं।
दो दिन में पानी नहीं मिला तो आंदोलन
किसानों ने नहर के अंतिम छोर तक तत्काल पर्याप्त पानी पहुंचाने की मांग की है। किसानों के अनुसार, विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) से फोन पर चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने मरम्मत के बाद जल्द पानी टेल एरिया तक पहुंचाने की बात कही। इस पर किसान नेता धनराज साहू और अन्य किसानों ने चेतावनी दी कि दो दिन के भीतर पानी नहीं पहुंचा, तो किसान एकजुट होकर आंदोलन करेंगे।
किसानों ने अपना मांग पत्र नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह को सौंपा। इस दौरान किसान प्रतिनिधि धनराज साहू, निर्मल जैन, डरहा वर्मा, संजय यादव, देवेंद्र चंद्राकर, भेदप्रकाश वर्मा, नवल वर्मा, शिव कुमार साहू, संतोष पटेल, मुकेश देशमुख, नीलमणि साहू, सत्यनारायण, टिकेंद्र वर्मा, कामता ठाकुर, श्रवण कुमार वर्मा सहित अन्य किसान उपस्थित रहे। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर सिंचाई संकट दूर करने की मांग की है।