रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल पर रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। बघेल के खिलाफ रायपुर सहित कई जिलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बघेल लगातार अपने परिचितों के घरों में छिपकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार अमित बघेल अब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगा सकते हैं। वहीं, पुलिस ने इस पर कैविएट दाखिल किया है ताकि अदालत किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से पहले उनका पक्ष सुने।
◆ संत समाज ने जताई नाराजगी, बैठक में पारित हुआ निंदा प्रस्ताव
अखिल भारतीय संत समिति ने रायपुर के दूधाधारी मठ में विशेष बैठक कर अमित बघेल के बयानों की निंदा की। बैठक में छत्तीसगढ़ी और सिंधी समाज के संतों ने भी भाग लिया। समिति ने कहा कि “छत्तीसगढ़ियावाद के नाम पर समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। बैठक में महंत रामसुंदर दास, राजीव लोचन महाराज, महा मंडलेश्वर सर्वेश्वर दास, रामरूप दास, सीताराम दास, बसंत बिहारी दास, राधामोहन दास, अवधबिहारी दास और संत युधिष्ठर लाल शामिल हुए। बैठक के दौरान संतों ने सर्वसम्मति से कहा कि धार्मिक और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
◆ भूपेश बघेल बोले – सरकार बढ़ावा दे रही है
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह पूरा विवाद सरकार की निष्क्रियता का नतीजा है। उन्होंने कहा,“यदि कोई व्यक्ति किसी धर्म या समाज के महापुरुषों के खिलाफ बयान देता है, तो वह पूरे छत्तीसगढ़ का अपमान करता है। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्रियों की चुप्पी बताती है कि वे समाज में विभाजन को बढ़ावा दे रहे हैं।” ◆ अजय चंद्राकर का पलटवार – ‘भूपेश बघेल ने ही बोया क्षेत्रीयता का जहर’
बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल पर पलटवार करते हुए कहा कि वे खुद क्षेत्रीयता और जातिवाद का एजेंडा चलाते रहे हैं।“भूपेश बघेल की मांग पर हंसी आती है। वे राष्ट्रीय पार्टी के नेता होकर भी छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीयता का जहर बो चुके हैं। अब जब पुलिस ने अमित बघेल को भगोड़ा घोषित कर कार्रवाई शुरू की है, तो कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही ◆पुलिस की कार्रवाई तेज – कई जिलों में छापेमारी
अमित बघेल की तलाश में रायपुर पुलिस ने 9 अक्टूबर को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं शिवेंद्र वर्मा (सड्डू निवासी) और अजय यादव (धरमनगर, टिकरापारा) के घरों पर छापा मारा था। पूछताछ के बाद पुलिस ने राज्य के कई हिस्सों — रायपुर, दुर्ग, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, प्रयागराज और महाराष्ट्र — में भी तलाशी अभियान चलाया है।
◆विवाद की पृष्ठभूमि
27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल जी पर विवादित टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किए।