बजट पर चर्चा: ‘विकास का ऐसा रोडमैप बने, जिससे गांवों में दिखे वास्तविक बदलाव’

रायपुर।राज्य सरकार ने अपने तीसरे बजट की तैयारियां तेज कर दी हैं। विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में बुधवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में विभागीय बजट प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी बजट का पूरा फोकस ग्रामीण विकास पर होना चाहिए और यह सिर्फ खर्च का दस्तावेज न होकर गांवों के लिए ठोस और प्रभावी विकास का रोडमैप बने।बैठक में पंचायत संचालनालय, ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा इकाइयों द्वारा प्रस्तुत बजट मांग प्रस्तावों की समीक्षा की गई। मंत्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रावधान ऐसे हों, जिनका असर सीधे गांवों की ज़मीनी हकीकत में दिखाई दे।रोजगार, आवास और स्वच्छता पर रहेगा विशेष फोकसमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए अधोसंरचना, स्थानीय रोजगार, स्वच्छ पेयजल, आवास, स्वच्छता और आजीविका से जुड़ी योजनाओं में पर्याप्त और व्यावहारिक प्रावधान जरूरी हैं। गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मनरेगा, ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया गया।

बैठक में वीबीजी राम जी अधिनियम के तहत चल रहे विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।पंचायतों में ई-गवर्नेंस को बढ़ावापंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बजट में पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर खास जोर रहेगा। पंचायतों में ई-गवर्नेंस लागू कर पारदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। मंत्री ने बजट को तकनीक आधारित और परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि हर योजना के साथ उसके लक्ष्य, अपेक्षित उपलब्धियां और लागत-लाभ का स्पष्ट आकलन शामिल किया जाए, ताकि धनराशि का अपव्यय न हो और योजनाओं का क्रियान्वयन समयसीमा में पूरा किया जा सके।वन व सहकारिता विभाग के बजट प्रस्तावों पर भी मंथनदूसरी ओर, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वन मंत्री केदार कश्यप के विभागों के बजट प्रस्तावों पर चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना, लेमरू हाथी रिजर्व परियोजना और चरण पादुका योजना सहित प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। वन प्रबंधन समितियों को मजबूत करने, वनोपज से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर राजस्व बढ़ाने और वनांचल क्षेत्रों में आजीविका व रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी सार्थक सुझाव दिए गए। धान उपार्जन केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई।महिला सशक्तिकरण को मिलेगी प्राथमिकतामहिला सशक्तिकरण को बजट की अहम प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए मंत्री विजय शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं और “लखपति दीदियों” को सम्मानित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आजीविका से जुड़ी योजनाएं केवल सहायता तक सीमित न रहें, बल्कि महिलाओं को स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बनें।सरकार का मानना है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का बजट गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की मजबूत नींव बनेगा।

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