गोपनीय तरीके से बनाया था तहखाना: एम्बुलेंस में छिपाकर ले जा रहे थे 5 क्विंटल 20 किलो गांजा, कीमत करीब 3 करोड़; महाराष्ट्र के 3 तस्कर गिरफ्तार

रायपुर/महासमुंद। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कोमाखान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एम्बुलेंस के जरिए की जा रही अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का खुलासा किया है। पुलिस ने एम्बुलेंस में विशेष रूप से बनाए गए गोपनीय तहखाने से 5 क्विंटल 20 किलो अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस मामले में महाराष्ट्र के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार टेमरी नाका में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान खरियार रोड (ओडिशा) से महासमुंद की ओर आ रही सफेद रंग की फोर्स ट्रैवलर्स एम्बुलेंस (क्रमांक OD 02 AX 5501) को रोका गया। वाहन चालक और उसमें सवार दो अन्य युवकों ने पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दिए, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।
संदेह के आधार पर जब एम्बुलेंस की गहन तलाशी ली गई, तो उसमें बड़े ही चालाकी से छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। वाहन में मेडिकल चिन्ह लगे पंपलेट और आपातकालीन उपयोग के उपकरणों के बीच गोपनीय तरीके से तहखाना बनाया गया था। तलाशी के दौरान 14 सफेद प्लास्टिक बोरियों में भरा 280 किलो गांजा और 16 खाकी रंग के कार्टूनों में छिपाकर रखा गया 240 किलो गांजा मिला। इस तरह कुल 520 किलो गांजा जब्त किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर वाघ पिता गोकूल वाघ (26 वर्ष) निवासी जालना, संजीव आहिरे पिता गोकूल आहिरे (45 वर्ष) निवासी औरंगाबाद तथा सुशील दामाड़े पिता कृष्णा दामाड़े (20 वर्ष) निवासी औरंगाबाद, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांजा ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले भी एम्बुलेंस का इस्तेमाल कर कितनी बार तस्करी की गई है।
इस कार्रवाई को प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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