
धमतरी, 10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र के बेलर नवागांव में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि मृतका ने करीब 15 से 18 वर्ष पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। महिला की मौत के बाद जब परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तब ग्रामीणों ने गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से इनकार कर दिया। मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने के बाद सामाजिक एवं ग्रामीण स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हुआ। ग्रामीणों और मृतका के परिजनों के बीच कई दौर की बातचीत के जरिए अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनाने का प्रयास किया गया।
लिखित आश्वासन पर अड़े ग्रामीण
विवाद के दौरान ग्रामीणों की ओर से मृतका के परिवार के हिंदू धर्म में वापस आने का लिखित आश्वासन मांगे जाने की बात सामने आई। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही। मृतका की पहचान 55 वर्षीय पीयन बाई साहू के रूप में बताई गई है।
चार परिजनों ने हिंदू धर्म में वापसी की दी सहमति
लगातार बैठकों और बातचीत के बाद आखिरकार दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। बताया जा रहा है कि मृतका के परिवार के चार सदस्यों ने लिखित रूप से हिंदू धर्म में वापसी की सहमति दी। इसके बाद अंतिम संस्कार को लेकर बना विवाद समाप्त हो गया और शव के अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हुआ।
बैठकों के बाद शांत हुआ मामला
बेलर नवागांव में अंतिम संस्कार को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे तनाव में बदलने लगा था। हालांकि, ग्रामीणों और परिजनों के बीच बातचीत एवं सामाजिक स्तर पर हुई बैठकों के बाद सहमति बनने से स्थिति शांत हो गई। फिलहाल अंतिम संस्कार को लेकर उत्पन्न विवाद का समाधान हो गया है।