दुर्ग। होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में होली को लेकर 10 अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का जुलूस या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि होलिका दहन स्थल में बदलाव बिना प्रशासनिक अनुमति संभव नहीं होगा। होलिका दहन के दौरान अग्नि सुरक्षा के सभी इंतजाम अनिवार्य रहेंगे। जिले के अधिकांश स्थानों पर 2 मार्च की शाम से रात तक होलिका दहन किया जाएगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और बाज पार्टी तथा बाइक पेट्रोलिंग के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। निर्धारित ध्वनि सीमा और तय समय का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। नशे में वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं नशे की हालत में हुड़दंग या उपद्रव करने वालों पर भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट साझा करने वालों पर बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जबरन रंग लगाने, छेड़छाड़, मारपीट या विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। बैठक में सभी समाज के प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। प्रशासन ने अवैध शराब बिक्री पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वार्ड और गांव स्तर पर शांति समिति के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखने और किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और संयम के साथ मनाएं। किसी भी शिकायत या सूचना के लिए 112 तथा 9479192099 पर संपर्क किया जा सकता है।