
अधिकारियों की जवाबदेही तय, लंबित मामलों की हर बैठक में होगी समीक्षा; अनुपस्थिति और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
पाटन, 16 जून 2026। जनपद पंचायत पाटन की सामान्य सभा बैठक जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक की अध्यक्षता में सोमवार को सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, विकास कार्यों तथा जनसमस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान अध्यक्ष श्रीमती नायक ने अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती कीर्ति नायक ने कहा कि सामान्य सभा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं और विकास कार्यों के समाधान का सर्वोच्च मंच है। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए विषय सीधे जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं से जुड़े होते हैं, इसलिए संबंधित विभागों को उन पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि सामान्य सभा में उठाए गए प्रत्येक प्रश्न, सुझाव, मांग एवं शिकायत पर अधिकतम 15 दिवस के भीतर लिखित कार्यवाही प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। प्रतिवेदन में विषय की वर्तमान स्थिति, की गई कार्रवाई, लंबित होने के कारण तथा समाधान की समय-सीमा का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों का संकलन कर उसकी प्रमाणित प्रतिलिपि जनपद पंचायत के सभी सदस्यों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सामान्य सभा की कार्यवाही पुस्तिका की प्रमाणित प्रति भी प्रत्येक सदस्य को प्रदान की जाए, ताकि जनप्रतिनिधियों को उनके द्वारा उठाए गए विषयों की प्रगति की नियमित जानकारी मिल सके। श्रीमती नायक ने आगामी सामान्य सभा बैठकों में पिछली बैठक में उठाए गए विषयों पर विभागवार कार्रवाई की समीक्षा को प्रथम एजेंडा के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने अथवा अधूरी जानकारी देने वाले विभागों की सूचना सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी। बिना उचित कारण के किसी भी अधिकारी की बैठक से अनुपस्थिति भी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया गया कि सामान्य सभा में उठाए गए प्रत्येक विषय पर विभागों द्वारा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा उसकी जानकारी लिखित रूप में जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक के अंत में अध्यक्ष श्रीमती नायक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाया गया प्रत्येक विषय जनता की आवाज है और उसका समाधान करना प्रशासन तथा विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्यवाही ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।