
जामगांव आर। पाटन ब्लॉक के सेवा सहकारी समिति कुम्हली के धान उपार्जन केंद्र में हुए कथित धान एवं बारदाना शॉर्टेज प्रकरण ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। खाद्य विभाग एवं कलेक्टर के आदेशानुसार समिति प्रबंधक, प्राधिकृत अधिकारी सहित अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक केवल समिति प्रबंधक के खिलाफ ही कार्रवाई होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत कुम्हली के उपसरपंच विजय कुमार साहू ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं संबंधित आदेशों की प्रतियां लेकर सोमवार को कुम्हली दौरे पर पहुँचे क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पूरे मामले की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराया।
प्रस्तुत दस्तावेजों और जांच प्रतिवेदन का अवलोकन करने के बाद भूपेश बघेल ने पाटन एसडीओपी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, गहन एवं तथ्यात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से चर्चा के दौरान श्री बघेल ने जिला प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि धान खरीदी और परिवहन राज्य शासन का विषय है। जब जांच में समिति के जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और प्राधिकृत अध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, तो फिर केवल समिति प्रबंधक पर ही कार्रवाई क्यों की गई? उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि अन्य जिम्मेदार लोगों को किसके दबाव में बचाया जा रहा है। श्री बघेल ने आरोप लगाया कि समय पर धान का परिवहन नहीं होना सरकार की विफलता है और इस विफलता का ठीकरा केवल समितियों पर फोड़कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
• भृत्य को कैसे मिला समिति संचालन का अधिकार?
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने समिति की वर्तमान कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज समिति का संचालन लगभग एक चपरासी के भरोसे किया जा रहा है, जो खाद वितरण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को संभाल रहा है। एक भृत्य को इतनी बड़ी जिम्मेदारी और अधिकार किस आधार पर दिए गए, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
• किसी दोषी को बचाया न जाए : विजय साहू”
उपसरपंच विजय कुमार साहू ने कहा कि न्याय तभी पूर्ण माना जाएगा जब जांच प्रतिवेदन में उल्लेखित सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर समान रूप से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे किसानों के हितों से जुड़ा हुआ है, इसलिए किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाना चाहिए। अब इस मामले में भूपेश बघेल के हस्तक्षेप के बाद जांच और कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं तथा किसानों की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।