पाटन। पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमराव में बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लेने जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक पहुंचीं। उन्होंने नदी किनारे और निचले इलाकों में बसे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर जमीनी हालात का निरीक्षण किया। लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव के निचले हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई परिवारों के घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान, अनाज और जरूरी वस्तुएं प्रभावित हुई हैं।ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण आवागमन बाधित है और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों ने सुरक्षित आश्रय, नाव, भोजन, राशन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और बिजली व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता बताई। वहीं पशुओं के लिए चारे की समस्या भी सामने आई। कई संपर्क मार्गों के जलमग्न होने से राहत सामग्री पहुंचाने में भी दिक्कतों की जानकारी ग्रामीणों ने दी।
मौके पर सामने आई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कीर्ति नायक ने तत्काल कलेक्टर से सीधे संवाद किया और बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने प्रभावितों तक राहत सामग्री, खाद्य सामग्री, सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सुविधाएं शीघ्र पहुंचाने की मांग रखी। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, स्वास्थ्य शिविर लगाने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कीर्ति नायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित सहायता बेहद जरूरी है। प्रभावित परिवारों को राहत के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में तत्काल तेजी लाई जानी चाहिए।
जनपद अध्यक्ष के सीधे संवाद पर कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक स्तर पर राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं शीघ्र पहुंचाने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत और आपदा प्रबंधन की टीमों को सक्रिय रखकर स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही गई।
इस दौरान कीर्ति नायक ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “मुश्किल की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। आपकी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना और जरूरत के समय आपके साथ मजबूती से खड़ा रहना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की जरूरतों को लेकर प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा। जब तक आवश्यक राहत और सहायता जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंचती, तब तक प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
जनता के बीच पहुंचकर सुनी पीड़ा, प्रशासन तक पहुंचाई आवाज
कीर्ति नायक की पहल से बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष पहुंचीं। मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को समझना और तत्काल कलेक्टर से संवाद कर राहत की मांग रखना जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच त्वरित समन्वय की पहल के रूप में सामने आया।