बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सेंट्रल जेल से वायरल हुए एक वीडियो ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में जेल में बंद आरोपी खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ‘डॉन स्टाइल’ रील बनाते नजर आ रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मस्तूरी गोलीकांड से जुड़े आरोपियों का बताया जा रहा है, जो वर्तमान में सेंट्रल जेल में बंद हैं। वीडियो में आरोपी फिल्मी गाने पर रील बनाते दिखाई दे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वीडियो जेल के मुलाकाती कक्ष के पास शूट किया गया, जहां मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
वीडियो के साथ लिखा गया कैप्शन ‘जल्दी आओ मामा लोग’ आरोपियों के बढ़े हुए हौसले और बाहरी संपर्कों की सक्रियता की ओर इशारा करता है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी जेल के भीतर से ही अपने नेटवर्क को संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं। मामले का मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत बताया जा रहा है, जिसने अक्टूबर 2025 में कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग की थी। इस हमले में करीब 14 राउंड गोलियां चलाई गई थीं, हालांकि नीतेश सिंह बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से अधिकांश वर्तमान में जेल में बंद हैं।
जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि मुलाकात के दौरान मोबाइल फोन गेट पर जमा कराना अनिवार्य है, लेकिन कुछ मामलों में नियमों के उल्लंघन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वीडियो मुलाकात खिड़की के बाहर लगी ग्रिल के पास से रिकॉर्ड किया गया। घटना के सामने आने के बाद जेल प्रशासन हरकत में आ गया है। अब मुलाकात के लिए आने वाले हर व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से सख्ती से जांच की जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।