दुर्ग पुलिस ने 200 गुम मोबाइल किए बरामद, करीब 60 लाख के फोन मालिकों को लौटाए

दुर्ग पुलिस ने 200 गुम मोबाइल किए बरामद, करीब 60 लाख के फोन मालिकों को लौटाए

दुर्ग। दुर्ग जिला पुलिस ने आधुनिक तकनीक और सोशल पुलिसिंग का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गुम हुए 200 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने मोबाइल स्वामियों को उनके फोन लौटाए। लंबे समय से मोबाइल खो चुके कई लोगों ने फोन वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन मोबाइल हाथ में आते ही उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने दुर्ग पुलिस का आभार व्यक्त किया।

CEIR पोर्टल की मदद से हुई रिकवरी

एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि मोबाइल गुम होने के बाद पीड़ितों ने संबंधित थानों के साथ-साथ भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा जिले के सभी थाना और चौकी पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, IMEI ट्रैकिंग और लगातार डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से मोबाइल फोन ट्रेस किए। कई मोबाइल अलग-अलग जिलों और राज्यों में सक्रिय पाए गए, जिन्हें समन्वय स्थापित कर बरामद किया गया।

दूसरे राज्यों से भी बरामद हुए मोबाइल

पुलिस के अनुसार यह अभियान केवल दुर्ग जिले तक सीमित नहीं रहा। बरामद मोबाइल बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव के अलावा बिहार, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी प्राप्त किए गए। इससे पुलिस की तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय समन्वय क्षमता का भी प्रदर्शन हुआ।

साइबर सुरक्षा को लेकर किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान एसएसपी विजय अग्रवाल ने लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि मोबाइल का दुरुपयोग रोका जा सके और उसे ट्रेस करने में आसानी हो। उन्होंने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने और संदिग्ध कॉल से सतर्क रहने की सलाह भी दी। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत दर्ज होने से मोबाइल रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।

सोशल पुलिसिंग की बनी मिसाल

दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई केवल गुम मोबाइल बरामद करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत करने वाली सोशल पुलिसिंग की एक उल्लेखनीय पहल बनकर सामने आई है। मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने कहा कि पुलिस की तत्परता और तकनीकी प्रयासों ने उनकी महत्वपूर्ण जानकारी और निजी दस्तावेज सुरक्षित वापस दिला दिए। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी साइबर अपराध और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी तथा आम नागरिकों को तकनीकी सहायता और सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान की जाती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *