दुर्ग। दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय से जुड़े इस प्रकरण में फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए 11 अभ्यर्थियों को निशाना बनाया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला अभ्यर्थी भिलाई स्थित स्कूल में जॉइनिंग के लिए पहुंची। उसने अपना नियुक्ति पत्र प्रबंधन को दिखाया, जिसमें कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। पत्र में गलत टाइम स्टैम्प, अस्तित्वहीन स्कूलों का उल्लेख और दस्तावेजों की असामान्य बनावट ने प्राचार्य को सतर्क कर दिया। जांच में सामने आया कि जालसाजों ने बेहद शातिर तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। जिला शिक्षा कार्यालय दुर्ग के नाम का दुरुपयोग करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर और एडीएम के स्कैन सिग्नेचर की नक़ल कर दस्तावेजों को असली जैसा बनाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और गिरोह की तलाश की जा रही है।प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर ठगी करता है। गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेज इतने प्रोफेशनल थे कि पहली नजर में असली प्रतीत होते थे।
घटना के बाद प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और वैध माध्यमों से ही नौकरी से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें। किसी भी एजेंट या अनजान व्यक्ति को पैसे देने से बचें।