शिव महापुराण कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने भिलाई में Gen-Z को दिलाई शपथ: बोले- PM मोदी को गाली देना कौन से संस्कार? माता-पिता बच्चों को गाड़ी नहीं, संस्कार दें

शिव महापुराण कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने भिलाई में Gen-Z को दिलाई शपथ: बोले- PM मोदी को गाली देना कौन से संस्कार? माता-पिता बच्चों को गाड़ी नहीं, संस्कार दें

दुर्ग-भिलाई। भिलाई के सेक्टर-6 स्थित सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने युवाओं के संस्कार और देश के प्रति जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने दिल्ली में हुए कथित Gen-Z प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपशब्दों को लेकर युवाओं के संस्कारों पर सवाल उठाए। व्यासपीठ से प्रदीप मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना आखिर किस तरह के संस्कार हैं। उन्होंने कथा में मौजूद Gen-Z लड़के-लड़कियों को खड़ा कराकर देश की मर्यादा और संस्कार बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।

युवाओं से दिलाई देश की मर्यादा बनाए रखने की शपथ

प्रदीप मिश्रा ने युवाओं से संकल्प दिलाया कि वे भारत की मर्यादा और संस्कारों को बनाए रखेंगे। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे खूब पढ़ें और अपने साथ छत्तीसगढ़ तथा देश को भी आगे बढ़ाने में योगदान दें। शपथ के दौरान युवाओं ने भारत के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और देश की मर्यादा को बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं और आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार देकर देश का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है।

बोले- बच्चों को गाड़ी नहीं, संस्कार दें

कथावाचक ने माता-पिता से बच्चों की परवरिश में संस्कारों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों को महंगी गाड़ी और सुविधाएं देने के बजाय उन्हें अच्छे संस्कार दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे कॉलेज में पढ़ाएं, अच्छे कपड़े और भोजन दें, लेकिन इसके साथ ज्ञान और संस्कार भी दें। उनके मुताबिक संस्कार मिलने पर बच्चे जीवन में आगे बढ़कर परिवार और समाज का नाम रोशन करेंगे।

स्कूलों में प्रार्थना और राष्ट्रगीत का किया जिक्र

प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्रार्थना, मंत्र-पाठ और राष्ट्रगीत जैसी गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरुमंत्र और महापुरुषों के जीवन से परिचित कराने जैसी गतिविधियों से संस्कार और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सकती है। उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

बच्चों की शादी सादगी से करने की अपील

शिव महापुराण कथा के दौरान उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का उदाहरण देते हुए विवाह में अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचने की बात कही। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि बच्चों की शादी के लिए कर्ज लेने के बजाय सादगी से विवाह करें। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शादी धन और वैभव के प्रदर्शन का माध्यम नहीं होनी चाहिए। बच्चों को दिखावे की संस्कृति के बजाय संस्कार और जिम्मेदारी का महत्व समझाना जरूरी है।

भिलाई में चल रही शिव महापुराण कथा

भिलाई के सेक्टर-6 स्थित सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान में शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चौथे दिन प्रदीप मिश्रा ने कथा के साथ युवाओं और अभिभावकों को संस्कार, शिक्षा, सादगी और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

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