दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले में यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन सुरक्षा” ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिणाम दिए हैं। वर्ष 2025 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। लगातार चेकिंग, सख्त चालानी कार्रवाई और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार कार्यों के चलते यह अभियान बेहद प्रभावी साबित हुआ है। यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 (जनवरी से दिसंबर) के दौरान कुल 1 लाख 22 हजार चालानी कार्रवाई की गई। यह संख्या वर्ष 2024 में किए गए 60,215 चालानों की तुलना में लगभग दोगुनी है। पुलिस ने हेलमेट, सीट बेल्ट, रैश ड्राइविंग और अन्य नियम उल्लंघनों पर सख्ती से कार्रवाई कर यातायात अनुशासन को प्राथमिकता दी।
चालानी कार्रवाई से 3.83 करोड़ का राजस्व–
वर्ष 2025 में चालानी कार्रवाई के जरिए दुर्ग यातायात पुलिस को कुल 3 करोड़ 83 लाख 61 हजार 900 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह राशि वर्ष 2024 में प्राप्त 1 करोड़ 97 लाख 14 हजार रुपए की तुलना में लगभग दोगुनी है।
इसके अलावा, ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में न्यायालय द्वारा 1 करोड़ 39 लाख 99 हजार 800 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस सख्ती का उद्देश्य राजस्व वसूली नहीं, बल्कि लापरवाह और नशे में ड्राइविंग पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर विशेष जोर–
सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल ड्रिंक एंड ड्राइव पर यातायात पुलिस ने विशेष ध्यान दिया। वर्ष 2025 में 1,370 ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले दर्ज किए गए। कई मामलों में वाहन जब्त कर सीधे न्यायालय भेजे गए। इस सख्त कार्रवाई का असर यह रहा कि विशेषकर रात के समय होने वाले हादसों में उल्लेखनीय कमी आई।
इन उल्लंघनों पर सबसे ज्यादा चालान–
ऑपरेशन सुरक्षा के तहत रोजमर्रा की लापरवाही पर भी कठोर कार्रवाई की गई। वर्ष 2025 में किए गए प्रमुख चालानों में—
ना हेलमेट वाहन चलाने पर: 20,235 चालान बिना सीट बेल्ट: 7,238 चालान
रैश ड्राइविंग: 1,685 प्रकरण
काली फिल्म: 181 प्रकरण
मालवाहक वाहन में सवारी: 378 प्रकरण
अन्य यातायात उल्लंघन: 90,913 मामले
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पुलिस ने हर स्तर पर नियमों के पालन को सख्ती से लागू किया।
ब्लैक स्पॉट पर सुधार से मौतों में भारी गिरावट–
ऑपरेशन सुरक्षा का सबसे सकारात्मक असर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, यानी ब्लैक और ग्रे स्पॉट पर देखने को मिला।
आंकड़ों के मुताबिक—
वर्ष 2024 में ब्लैक स्पॉट पर 23 मौतें हुई थीं।
वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 3 मौतों पर आ गई।
सड़क इंजीनियरिंग सुधार, साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और लगातार निगरानी ने इन क्षेत्रों को काफी हद तक सुरक्षित बनाया।
नववर्ष पर सख्ती, एक भी हादसा नहीं–
नववर्ष के अवसर पर 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को जिले में विशेष चेकिंग और पेट्रोलिंग की गई। बैरिकेडिंग कर नियम तोड़ने वालों पर सख्त नजर रखी गई।
इन दो दिनों में—
बिना हेलमेट: 165
ड्रिंक एंड ड्राइव: 31
रैश ड्राइविंग: 14
बिना सीट बेल्ट: 38
ओवर स्पीडिंग: 25
कुल चालान: 366
कुल समन शुल्क: ₹86,400
सबसे अहम बात यह रही कि इन दो दिनों में एक भी सड़क दुर्घटना दर्ज नहीं हुई।
पुलिस की अपील–
दुर्ग यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, गति सीमा का पालन करें और यातायात नियमों का सम्मान कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।