रायपुर, 16 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों का वार्षिक परिणाम एक नए मूल्यांकन फार्मेट 20+20+60 प्रतिशत के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों की सतत प्रगति, नियमित अध्ययन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब त्रैमासिक परीक्षा के अंक (20%), अर्धवार्षिक परीक्षा के अंक (20%) और वार्षिक परीक्षा के अंक (60%) को जोड़कर अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह नई व्यवस्था छात्रों को पूरे सत्र में पढ़ाई के प्रति सजग रखेगी और केवल सालांत परीक्षा पर निर्भरता खत्म करेगी।
◆ नई प्रणाली का उद्देश्य
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक —
“नई परीक्षा प्रणाली छात्रों को निरंतर सीखने और पूरे सत्र में मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी। यह बदलाव बच्चों के संपूर्ण मूल्यांकन की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
◆ कक्षा-वार मूल्यांकन फार्मूला
कक्षा 1 से 4 और 6 से 7 तक
त्रैमासिक परीक्षा – 20%
अर्धवार्षिक परीक्षा – 20%
वार्षिक परीक्षा – 60%
इन तीनों का सम्मिलित औसत ही छात्रों का अंतिम परिणाम तय करेगा।
कक्षा 5वीं और 8वीं:
अर्धवार्षिक परीक्षा – 30%
वार्षिक परीक्षा – 70%
दोनों का औसत जोड़कर रिजल्ट तैयार होगा।
कक्षा 9वीं और 11वीं:
अर्धवार्षिक परीक्षा – 30%
वार्षिक परीक्षा – 70%
माध्यमिक शिक्षा मंडल को इस नए पैटर्न पर अमल के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
◆ स्कूलों को निर्देश
विभाग ने सभी प्राचार्यों और प्रधानपाठकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस नई व्यवस्था की जानकारी छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाएं और सुनिश्चित करें कि परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन व अंक प्रविष्टि नई नीति के अनुसार ही की जाए। पुरानी प्रणाली अपनाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
◆ शिक्षा गुणवत्ता सुधार की दिशा में कदम
शासन का मानना है कि इस बदलाव से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान समय रहते की जा सकेगी और उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन मिल सकेगा। शिक्षाविदों का कहना है कि यह प्रणाली छात्रों को “एग्जाम डे प्रेशर” से राहत देगी और पूरे वर्ष की पढ़ाई को अधिक महत्व देगी।