कबीरधाम । छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां खुद को डिप्टी कलेक्टर, स्टेनो और ड्राइवर बताकर जिला कार्यालय में निरीक्षण करने पहुंचे तीन लोगों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 8 जून की रात की है, जब तीनों आरोपी कवर्धा जिला कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारी बनकर कार्रवाई का नाटक करने लगे।
पुलिस के अनुसार, संदिग्धों के हावभाव और देर रात की संदिग्ध गतिविधियों को देखकर सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने तीनों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सम्मी ठाकुर (भिलाई निवासी), दुर्गेश सिंह राजपूत (खैरबना, कबीरधाम) और शुभलाल राजपूत (पटेवा, राजनांदगांव) के रूप में हुई है। तीनों का किसी भी प्रकार से शासकीय सेवा से कोई संबंध नहीं है। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन्होंने फर्जी तरीके से खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताकर भ्रम फैलाने और दफ्तर में अनधिकृत निरीक्षण करने की कोशिश की।
मामले की शिकायत सहायक जिला नाजीर अनमोल शुक्ला द्वारा थाना कवर्धा में दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 248/2025 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों का उद्देश्य क्या था और क्या उन्होंने पूर्व में भी इस तरह की कोई हरकत की है। मामले की जांच जारी है।