
प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने पर दिया जोर; किसानों को कृषि किट भी वितरित
दुर्ग। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सांकरा (पाटन) में “खेत बचाओ अभियान – स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत” विषय पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक पौधरोपण भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल उपस्थित रहे। इसके अलावा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि आर. सक्सेना, भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा, सभापति नीलम राजेश चंद्राकर, सरपंच रवि सिगौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी एवं किसान मौजूद रहे। स्वागत भाषण में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कुलपति प्रो. रवि आर. सक्सेना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और भूमि संवर्धन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पिछले वर्ष 600 पौधों का रोपण किया गया था, जबकि इस वर्ष 800 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों के हित में रासायनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतुओं के परस्पर संबंधों का उल्लेख करते हुए जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को समय की जरूरत बताया। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि “खेत बचाओ, पर्यावरण बचाओ” अभियान वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है और इसका असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने, मिट्टी परीक्षण कराने तथा जल संरक्षण के उपायों को बढ़ावा देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी से संबंधित विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनका कृषि मंत्री एवं सांसद ने अवलोकन किया। किसानों को कृषि किट का वितरण भी किया गया। इसके बाद अतिथियों और उपस्थित जनसमुदाय ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, भूमि संवर्धन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।