बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई पर फोकस : छत्तीसगढ़ में प्री-स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, अब बिना पंजीयन नहीं चलेगा कोई भी प्ले स्कूल ! 3 साल से कम बच्चों के प्रवेश पर रोक

बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई पर फोकस :  छत्तीसगढ़ में प्री-स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी, अब बिना पंजीयन नहीं चलेगा कोई भी प्ले स्कूल ! 3 साल से कम बच्चों के प्रवेश पर रोक

रायपुर, 20 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में संचालित सभी गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों के लिए नए और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर में लंबित पीआईएल तथा अन्य याचिकाओं के आदेशों के अनुपालन एवं प्रस्तावित प्ले स्कूल एक्ट की रूपरेखा को ध्यान में रखकर जारी किए गए हैं।विभाग ने साफ किया है कि राज्य में संचालित सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालय, जो कक्षा पहली से ऊपर की कक्षाएँ संचालित नहीं करते, उन्हें अपने संस्थान का पंजीयन तीन माह के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष अनिवार्य रूप से कराना होगा।

• पंजीयन के लिए दस्तावेज अनिवार्य

पंजीयन के दौरान विद्यालयों को अपने संस्थान का विवरण, शिक्षकों की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक रिकॉर्ड जमा करना होगा। साथ ही सभी विद्यालयों को संचालन हेतु अनुसूची-एक में निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

•तीन वर्ष से कम आयु के बच्चों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 में प्रवेश के लिए आयु सीमा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होगी। तीन वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे का पूर्व-प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
आयु सत्यापन केवल शासन द्वारा निर्धारित वैध दस्तावेजों के माध्यम से ही किया जाएगा।

•शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न पूरी तरह निषिद्ध

दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी बच्चे पर शारीरिक दंड, मानसिक उत्पीड़न या किसी प्रकार की प्रताड़ना देना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, स्वास्थ्यकर और खेल-आधारित शिक्षण माहौल सुनिश्चित करना आवश्यक होगा, ताकि उनका समग्र विकास हो सके।

•पालक-शिक्षक समिति का गठन अनिवार्य

पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों में पारदर्शिता और समन्वय सुनिश्चित करने हेतु पालक-शिक्षक समिति (PTC) का गठन अनिवार्य किया गया है। समिति विद्यालय खुलने के एक माह के भीतर गठित की जाएगी।इसमें 75% पालक और 25% शिक्षक सदस्य होंगे।समिति के अध्यक्ष का चयन पालकों में से होगा।समिति में 75% महिलाएँ शामिल की जाएंगी। हर कक्षा से एक-एक पालक सदस्य शामिल किया जाएगा।

• हर तीन माह में बैठक अनिवार्य

समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होगा और इसकी बैठक हर तीन माह में एक बार आयोजित की जाएगी। बैठक की कार्यवाही रजिस्टर में संधारित करना अनिवार्य होगा।
समिति विद्यालय में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य तथा खेल-आधारित शिक्षण प्रणाली की निगरानी करेगी।

•.तीन माह के भीतर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश

राज्य शासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर अपने जिले के सभी पूर्व-प्राथमिक विद्यालयों का पंजीयन सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सभी विद्यालय निर्धारित मानकों, नियमों और सुरक्षा प्रावधानों का पालन करें। ये दिशा-निर्देश राज्य में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और बच्चों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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