
YC न्यूज़ डेस्क। केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि आजादी के बाद पहली बार सभी समुदायों की जाति संबंधी जानकारी जनगणना में दर्ज की जाएगी। इससे पहले 2011 की जनगणना में केवल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित जानकारी लेने का प्रावधान था। सरकार द्वारा जारी प्रारूप में सवाल नंबर 10 में SC/ST के साथ “जाति” शब्द भी जोड़ा गया है। इस बदलाव को सामाजिक और आर्थिक नीतियों के लिए व्यापक डेटा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
कोविड वैक्सीन कहां लगवाई, यह भी पूछा जाएगा
नई सूची में नागरिकों से यह भी पूछा जाएगा कि कोविड-19 वैक्सीन कहां लगवाई गई थी। इसके अलावा मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाएगी।
40 सवाल पांच हिस्सों में बांटे गए
1. पहचान और परिवार
इस हिस्से में कुल 12 सवाल होंगे। इनमें शामिल हैं—
- नाम
- परिवार के मुखिया से संबंध
- लिंग
- जन्मतिथि और उम्र
- वैवाहिक स्थिति
- विवाह के समय उम्र
- पति या पत्नी का नाम
- राष्ट्रीयता
- धर्म
- SC/ST/जाति
- माता-पिता की जानकारी
2. शिक्षा और भाषा
इस खंड में 5 सवाल होंगे, जिनमें पूछा जाएगा—
- दिव्यांगता की स्थिति
- मातृभाषा और अन्य भाषाएं
- साक्षरता
- डिजिटल साक्षरता
- वर्तमान में पढ़ाई की स्थिति
- उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय
3. रोजगार और आर्थिक गतिविधि
इस भाग में 8 सवाल होंगे, जिनमें शामिल हैं—
- पिछले एक वर्ष में काम किया या नहीं
- मुख्य आर्थिक गतिविधि
- व्यवसाय और उद्योग
- कामगार की श्रेणी
- गैर-आर्थिक गतिविधियां
- रोजगार की तलाश या उपलब्धता
- कार्यस्थल तक आने-जाने की जानकारी
4. जन्म और माइग्रेशन
इस सेक्शन में 8 सवाल पूछे जाएंगे—
- जन्म स्थान
- पिछला निवास स्थान
- स्थान परिवर्तन (माइग्रेशन) का कारण
- वहां रहने की अवधि
- स्थायी पता
- महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या
- अब तक जन्मे बच्चों की संख्या
- पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों की संख्या
5. दस्तावेज और बैंकिंग जानकारी
अंतिम खंड में 7 सवाल होंगे—
- कोविड वैक्सीन कहां लगवाई
- कुल बैंक खातों की संख्या
- मोबाइल नंबर
- आधार नंबर
- वोटर आईडी
- पासपोर्ट उपलब्ध है या नहीं
- ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं
देश की पहली डिजिटल जनगणना
जनगणना-2027 भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। गणनाकर्मी मोबाइल या डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा दर्ज करेंगे। नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन यानी स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने का विकल्प भी दिया जाएगा। यह प्रक्रिया सेंसस एक्ट, 1948 और सेंसस रूल्स, 1990 के तहत संचालित होगी।
सरकार ने गोपनीयता का दिया भरोसा
केंद्र सरकार ने कहा है कि जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी।
सरकार के अनुसार—
- सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
- इसे सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त नहीं किया जा सकेगा।
- किसी अदालत में सबूत के रूप में भी इसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
2021 में होनी थी जनगणना
जनगणना मूल रूप से 2021 में आयोजित की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब संशोधित कार्यक्रम के तहत 2027 में जनगणना कराई जाएगी।
11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर
केंद्र सरकार ने जनगणना-2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसका संचालन केंद्र सरकार के समन्वय से होगा, जबकि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन इसके क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जाति संबंधी व्यापक आंकड़े, डिजिटल डेटा संग्रह और बैंकिंग व पहचान संबंधी जानकारी भविष्य की सामाजिक, आर्थिक और कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।