छत्तीसगढ़ में पहली बार सभी विभागों में नियुक्त होंगे प्रवक्ता: सरकार की छवि सुधारने रोज सोशल मीडिया अपडेट और हर तीन महीने में रिपोर्ट कार्ड जारी

छत्तीसगढ़ में पहली बार सभी विभागों में नियुक्त होंगे प्रवक्ता: सरकार की छवि सुधारने रोज सोशल मीडिया अपडेट और हर तीन महीने में रिपोर्ट कार्ड जारी

रायपुर। राज्य सरकार की छवि मजबूत करने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग ने बड़ी पहल की है। अब प्रदेश के सभी विभागों में प्रवक्ता नियुक्त किए जाएंगे, जो विभाग की दैनिक गतिविधियों और उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करेंगे। साथ ही हर तीन महीने में विभागों को अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ जारी कर प्रेस ब्रीफिंग करना अनिवार्य होगा। जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा भेजी गई आधिकारिक चिट्ठी में स्पष्ट कहा गया है कि शासन की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रगति की सटीक व समयबद्ध जानकारी जनता तक पहुंचाना अब विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

हर दिन विभाग बताएगा—आज क्या नया किया?

निर्देशों के अनुसार हर विभाग को रोज नामित प्रवक्ता के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफार्म—फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब—पर यह बताना होगा कि आज विभाग ने क्या काम किया, कौन-सी योजना आगे बढ़ी और कौन-से फैसले लिए गए।सभी विभागों को अपने कार्यक्रमों की जानकारी एक दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी और प्रेस को उसी के अनुसार आमंत्रित करना होगा।

हर तीन महीने में विभागीय प्रेस ब्रीफिंग अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत—विभाग अपने कामों की त्रैमासिक समीक्षा जारी करेंगे प्रेस ब्रीफिंग में प्रगति, योजनाएं और उपलब्धियां साझा की जाएंगी ¡ केंद्र और राज्य सरकार के प्रमुख प्रोजेक्ट्स की इंफोग्राफिक प्रस्तुति भी दी जाएगी
पत्र में कहा गया है कि किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए विभाग इन कार्यों को प्राथमिकता दें

* मीडिया से लगातार संवाद, पत्रकारों को जनभागीदारी से जोड़ने के निर्देश

चिट्ठी में विभागों को मीडिया के साथ बेहतर संबंध बनाने पर खास जोर दिया गया है।
निर्देशों में शामिल—
जनभागीदारी कार्यक्रमों में पत्रकारों को शामिल करना
पत्रकारों के समूह को महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भ्रमण कराना, मीडिया संगोष्ठी आयोजित करना, पत्रकारों के साथ फ्रेंडली मैच खेलना। सरकार का उद्देश्य पत्रकारों को न केवल सूचना प्रक्रिया से, बल्कि वास्तविक फील्ड विज़िट और योजनाओं के प्रभाव से भी जोड़ना है।
हर विभाग करेगा मीडिया मॉनिटरिंग: नकारात्मक खबरों पर तुरंत कार्रवाई

सभी विभागों और जिला जनसंपर्क अधिकारियों को—
प्रतिदिन छपे समाचारों की समीक्षा करना, सकारात्मक और नकारात्मक खबरों की रिपोर्ट तैयार कर विभागीय सचिव/कलेक्टर को भेजना,आवश्यकता पड़ने पर नकारात्मक खबरों का तुरंत खंडन जारी करना, शाम 5 बजे तक सभी संबंधित समाचारों की सही जानकारी उपलब्ध कराना,दैनिक अपडेट विभागीय जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से सार्वजनिक किए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य


विभागों को साप्ताहिक सोशल मीडिया लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिलों को मासिक टारगेट दिया गया है सभी विभागों को अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और प्रगति को जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सक्रिय उपयोग करना होगा
एसीएस, पीएस और सचिवों को भेजी गई चिट्ठी

सभी विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिव और सचिवों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह व्यवस्था शासन की पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों तक तथ्यात्मक एवं सही जानकारी पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम है। नई नीति से सरकार को उम्मीद है कि—विभागों का कार्य बेहतर ढंग से जनता तक पहुंचेगा,गलत सूचनाओं पर रोक लगेगी,शासन की छवि अधिक मजबूत और जवाबदेह बनेगी छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी सरकार ने इस प्रकार की व्यापक सूचना-साझाकरण (इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन) व्यवस्था लागू की है, जिसे प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



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