
रायपुर, 1 अगस्त। राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती, पहचान छिपाकर शादी और बाद में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर कुछ संगठनों के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम पर ‘सोनू’ नाम बताने वाले युवक से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और करीब छह महीने तक रिश्ता चला। इस दौरान युवक ने स्वयं को हिंदू बताया और उसकी धार्मिक पहचान को लेकर कोई संदेह उत्पन्न नहीं होने दिया।
‘मैं पूछती थी, तुम हिंदू हो ना?’
पीड़िता के अनुसार, वह कई बार युवक से उसकी धार्मिक पहचान के बारे में पूछती थी। हर बार युवक ने स्वयं को हिंदू बताया। इसी भरोसे पर उसने संबंध को आगे बढ़ाया। युवती का कहना है कि गर्भवती होने के बाद युवक ने शादी का प्रस्ताव रखा और वह उसके साथ रहने चली गई। लेकिन शादी के दिन घर में मौलाना को देखकर उसे पहली बार संदेह हुआ। विरोध करने पर युवक ने कथित तौर पर कहा कि “हिंदू-मुस्लिम सब एक हैं, तुम अपना धर्म मानना और मैं अपना।”
शादी के बाद बदला व्यवहार
पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद उसे पता चला कि युवक का असली नाम सुफरान है। इसके बाद उस पर आधार कार्ड में नाम बदलवाने, बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने और इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जाने लगा। उसने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, मंदिर जाने और हिंदू त्योहार मनाने से रोका गया। ससुराल पक्ष पर हाथ में बने टैटू को मिटाने के लिए जलाने और एसिड से रगड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
बेटे के जन्म के दिन फिनाइल पिलाने का आरोप
युवती ने शिकायत में आरोप लगाया कि 12 अगस्त 2022 को बेटे के जन्म वाले दिन उसे फिनाइल पिला दी गई थी। इसके बाद भी उसके साथ लगातार मारपीट होती रही। उसका कहना है कि बाद में पति हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल चला गया। जेल से रिहा होने के बाद उसने फिर साथ रहने का दबाव बनाया। इनकार करने पर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उसके खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट की गईं और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
7 जुलाई को दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता ने बताया कि उसने 7 जुलाई 2026 को डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अब वह अपने और अपने बच्चे की सुरक्षा के साथ न्याय की मांग कर रही है।
आरोपी पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
आरोपी के परिवार ने युवती के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि युवती को परिवार ने स्वीकार किया था और उसने अपनी इच्छा से नाम बदलवाया था। परिवार का दावा है कि उस पर किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाया गया।
पुलिस ने कहा- जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।