CG में सरकार की बड़ी सख्ती : बिना अनुमति अटैचमेंट और अतिरिक्त प्रभार पर रोक, सभी पुराने आदेश निरस्त

CG में सरकार की बड़ी सख्ती : बिना अनुमति अटैचमेंट और अतिरिक्त प्रभार पर रोक, सभी पुराने आदेश निरस्त

मूल पदस्थापना स्थल पर लौटेंगे अधिकारी-कर्मचारी, नियम तोड़ने वालों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई; अतिरिक्त प्रभार की अधिकतम अवधि तीन माह तय

रायपुर, 8 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में अधिकारियों और कर्मचारियों के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) तथा अतिरिक्त प्रभार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शासन की पूर्व अनुमति के बिना किए गए सभी संलग्नीकरण और अतिरिक्त प्रभार को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस जाकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सचिव मुकेश कुमार बंसल के निर्देशानुसार जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासन की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का संलग्नीकरण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद विभाग के प्रमुख अभियंता एवं अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा नियमों की अनदेखी कर कई मामलों में अटैचमेंट और अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

बिना अनुमति अटैचमेंट पर पूरी तरह रोक

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब बिना पूर्व अनुमति किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को दूसरे कार्यालय में संलग्न नहीं किया जाएगा। विभाग के सभी प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंताओं को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुराने सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त

शासन के आदेश के बाद विभाग के अधीनस्थ, क्षेत्रीय और अन्य कार्यालयों द्वारा जारी किए गए सभी संलग्नीकरण एवं अतिरिक्त प्रभार के आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे। अटैच किए गए अधिकारी-कर्मचारियों को अपने मूल पदस्थापना स्थल पर लौटकर कार्यभार संभालना होगा।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

सरकार ने भविष्य के लिए भी स्पष्ट चेतावनी दी है। यदि कोई अधिकारी शासन की पूर्व अनुमति के बिना संलग्नीकरण अथवा अतिरिक्त प्रभार का आदेश जारी करता है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

अतिरिक्त प्रभार की अवधि अधिकतम तीन माह

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल अत्यंत आवश्यक और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही शासन की पूर्व स्वीकृति के बाद संलग्नीकरण या अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में भी अतिरिक्त प्रभार की अधिकतम अवधि तीन माह से अधिक नहीं होगी।

रिक्त पदों पर मनमाने ढंग से प्रभार नहीं

यदि किसी कार्यालय में पद रिक्त होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है तो वहां मनमाने ढंग से अतिरिक्त प्रभार देने के बजाय रिक्त पद की स्थिति, आवश्यकता और औचित्य का उल्लेख करते हुए नियमित पदस्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजना होगा। इससे विभाग में व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। सरकार के इस फैसले से PWD में लंबे समय से चल रही अनधिकृत अटैचमेंट और अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।

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