
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को मल्हार से प्राप्त बालार्जुन की ताम्रपट्टिकाओं की भाषा और लिपि को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर रही। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में दी गई जानकारी और विधानसभा में सरकार द्वारा प्रस्तुत विभागीय जानकारी में अंतर का मुद्दा उठाते हुए जवाब मांगा। विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ताम्रपट्टिकाओं की भाषा के संबंध में जो जानकारी दी थी, वह विधानसभा में संस्कृति विभाग द्वारा दी गई जानकारी से अलग है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर सही जानकारी कौन-सी है और यदि विभाग की ओर से गलत जानकारी दी गई है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
इस पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी और संबंधित तथ्यों का सत्यापन कराया जाएगा।
पूरक प्रश्न के दौरान विधायक ने पूछा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी अधिकारी ने गलत जानकारी उपलब्ध कराई है, तो क्या उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?इस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जिसने भी गलत जानकारी दी होगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” मंत्री के इस जवाब के बाद सदन में कुछ देर तक चर्चा होती रही। अब सभी की निगाहें सरकार की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि तथ्यात्मक स्थिति क्या सामने आती है और यदि त्रुटि पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।