पाटन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पाटन में विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता के विचार को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुनील पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले सौ वर्षों से निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य संगठित, सशक्त और संस्कारवान समाज का निर्माण करना है, जिसमें हर व्यक्ति राष्ट्रहित को सर्वोपरि माने।
महंत परमेश्वर दास ने अपने वक्तव्य में सनातन संस्कृति और हिन्दू समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि हमारी परंपराएं और संस्कार ही भारत की असली पहचान हैं। उन्होंने युवाओं से धर्म, संस्कृति और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया तथा समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करने की बात कही। वहीं राष्ट्र सेविका समिति की वरिष्ठ सदस्य रश्मि राजपूत ने मातृशक्ति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाएं संस्कार, सेवा और संगठन के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य कर रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।
इस दौरान नगर एवं क्षेत्र के विभिन्न समाजों के प्रमुखों का मंच पर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन शत्रुघन देवांगन ने किया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, हलधर महमल्ला, डॉ. संतराम कुम्भकार, विष्णु प्रसाद, हरित वर्मा, खेमलाल साहू, निलेश वर्मा, ठाकुर राम, राकेश कौशिक, योगेश सोनी, त्रिलोकी विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।