
जामगांव आर। छत्तीसगढ़ के पहले त्यौहार हरेली पर्व को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के संकल्प के साथ बेल्हारी में सार्थक रूप से मनाया गया। समाजसेवी संस्था युवा मित्र मंडल के आह्वान पर ग्रामीणों ने स्थानीय रुद्राक्ष वाटिका में वनस्पति पूजन किया। इसके पश्चात मुक्तिधाम, चारागाह एवं रुद्राक्ष वाटिका परिसर में बेल, मौल श्री, बरगद, पाम, सिंदूर के पौधों का रोपण कर उनकी सुरक्षा के प्रबंध भी किया गया।
श्रावण पर्व और हरेली के अवसर पर युवाओं ने वसुंधरा का हरित श्रृंगार करते हुए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पेड़-पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष मनीष चंद्राकर ने कहा कि रुद्राक्ष वाटिका को जनसहयोग से और अधिक विकसित किया जाएगा। आने वाले समय में यहां रुद्राक्ष एवं चंदन के पौधे और लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुक्तिधाम के समीप देववृक्षों का समूह तैयार कर बरगद, पीपल, बेल, अशोक एवं आंवला के पौधे लगाकर लघु पंचवटी विकसित करने की भी योजना है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप तोमर ने कहा कि हरेली केवल कृषि और परंपरा का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। पूर्व प्रचारक हलधर महामंल्ला ने कहा कि हरियाली ही गांव और जन जीवन की वास्तविक समृद्धि है। शिक्षक ताराचंद महतो ने कहा कि बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि आज हम पेड़ों की रक्षा करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और संतुलित पर्यावरण मिल सकेगा।
साहू समाज दुर्ग संभाग पूर्व उपाध्यक्ष विक्रमादित्य साहू ने कहा कि हरेली की परंपरा हमें प्रकृति और कृषि से जोड़ती है। युकां नेता कुंदन सिन्हा ने कहा हरेली पर्व को पौधरोपण और पौधों के संरक्षण के संकल्प के साथ मनाना हमारी संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों को मजबूत करता है। इस अवसर पर मानस आयोजन समिति के अध्यक्ष भूषण चंद्राकर,मोहित निषाद,शिव साहू,इशु बंसोड, छगन साहू, विजय साहू,मयंक सिन्हा, जागेंद्र प्रजापति, लोकनाथ यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।