सेक्स सीडी कांड में हाईकोर्ट सख्त: CBI को नोटिस, विनोद वर्मा पर आरोप तय करने मांगा जवाब,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी मामले में शामिल

सेक्स सीडी कांड में हाईकोर्ट सख्त: CBI को नोटिस, विनोद वर्मा पर आरोप तय करने मांगा जवाब,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी मामले में शामिल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में सीबीआई को Chhattisgarh High Court ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पत्रकार एवं पूर्व कांग्रेस मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा पर आरोप तय करने संबंधी सत्र न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सीबीआई को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस चर्चित मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel का नाम भी आरोपी के रूप में जुड़ा हुआ है।
2017 में सामने आया था मामला
अक्टूबर 2017 में तत्कालीन मंत्री Rajesh Munat से जुड़ी बताई जा रही कथित अश्लील सीडी सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था। शिकायत के बाद जांच दिल्ली तक पहुंची और तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने पत्रकार विनोद वर्मा पर सीडी बनवाने में भूमिका होने का दावा किया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में सितंबर 2018 में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Bhupesh Baghel को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। दोनों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किए गए थे।
CBI जांच और चार्जशीट पर सवाल
मामले की जांच बाद में Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई थी। हालांकि समय पर चार्जशीट पेश नहीं होने के कारण विनोद वर्मा को दिसंबर 2017 में जमानत मिल गई थी। बाद में दाखिल चार्जशीट में भूपेश बघेल, विनोद वर्मा सहित अन्य आरोपियों के नाम शामिल किए गए।
हाईकोर्ट में दी गई यह दलील
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विनोद वर्मा की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कहा कि जिस रिपोर्ट के आधार पर उनके घर छापा मारा गया था, उसे सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में ही झूठा बताया है। याचिका में दावा किया गया कि कथित सीडी मुंबई में तैयार की गई थी और उसमें तत्कालीन मंत्री का चेहरा जोड़ने का आरोप अन्य लोगों पर था। बचाव पक्ष ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और उन्हें मामले से बरी किया जाना चाहिए।
निचली अदालत ने तय किए थे आरोप
रायपुर की निचली अदालत ने विनोद वर्मा की दलीलों को खारिज करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय किए थे। वहीं मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पहले Bhupesh Baghel को राहत दी थी, लेकिन बाद में सत्र न्यायालय ने फैसला पलटते हुए उनके खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया। यह मामला भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें कथित अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और सीडी वायरल करने का आरोप लगाया गया था।

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