मंगलवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
YC न्यूज़ डेस्क । पहलगाम आतंकी हमले के बाद दिल्ली की सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आज राजधानी में दिन भर चार उच्चस्तरीय बैठकें बुलाई गई हैं, जिनमें से एक कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक को सबसे अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को लेकर मंगलवार को एक बड़ा मंथन किया था, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल, और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सेना को आतंकवाद के खिलाफ “फ्री हैंड” दिए जाने पर सहमति बनी है।
आज बुधवार को एक के बाद एक CCS, CCPA, CCEA और कैबिनेट की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। जानकार मानते हैं कि ये बैठकें भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया का खाका तय कर सकती हैं।
CCS की बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई, जिसमें सबसे प्रमुख एजेंडा पहलगाम आतंकी हमले के बाद सैन्य प्रतिकार पर चर्चा था। पिछली CCS बैठक 23 अप्रैल को हुई थी, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करने, पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के निर्देश, और उच्चायोग में राजनयिकों की संख्या घटाने जैसे कड़े फैसले लिए गए थे।
इस बार के फैसलों पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। सूत्रों का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक जैसी कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई के संकेत मिल सकते हैं।
देशभर में लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। वहीं विपक्ष भी सरकार से कठोर और निर्णायक कदम की मांग कर रहा है।
अब देखना यह है कि मोदी सरकार की आज की बैठकों से क्या ऐलान निकलता है – क्या भारत एक बार फिर आतंक के गढ़ पर वार करेगा?