रायपुर, 4 अप्रैल 2026। देश की राजधानी नई दिल्ली के रामलीला मैदान में टीईटी (TET) की अनिवार्यता के विरोध में आज देशव्यापी शिक्षक आंदोलन देखने को मिला। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में देशभर के हजारों शिक्षकों ने भाग लिया।
इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे, जहां राष्ट्रीय उपाध्यक्ष केदार जैन, मनीष मिश्रा एवं प्रांत अध्यक्ष रविंद्र राठौर के नेतृत्व में शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि टीईटी की अनिवार्यता एक “काला कानून” है, जिससे लाखों शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। केदार जैन ने कहा कि यह आंदोलन केवल विरोध नहीं, बल्कि शिक्षकों के भविष्य की लड़ाई है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा, जिसमें देश के सभी 28 राज्यों के लगभग 20 लाख शिक्षक शामिल होंगे और स्कूलों का संचालन प्रभावित होगा। इस दौरान कमलेश बिसेन, प्रदीप पांडे, रामचंद सोनवंशी, ममता खालसा सहित कई पदाधिकारी एवं विभिन्न जिलों से आए शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।