मनरेगा पर गरमाया सदन: भूपेश बघेल–अजय चंद्राकर में तीखी बहस, हंगामे के बीच विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर, 17 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में मनरेगा से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे गरीबों और ग्रामीण मजदूरों से जुड़ा है, इसलिए इस पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने भी एक स्वर में प्रस्ताव को स्वीकार करने की मांग की।

भूपेश बघेल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार में साहस है, तो वह प्रस्ताव स्वीकार कर इस मुद्दे पर खुलकर बहस कराए। उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ नीतिगत नहीं, बल्कि सरकार की मंशा से जुड़ा सवाल है।
वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों का यह रुख केवल राजनीतिक दिखावा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा का मंच है, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का।दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के दौरान माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के विधायकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही पुनः शुरू होने के बाद भी हंगामा थमने का नाम नहीं लिया। नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग दोहराई, लेकिन प्रस्ताव खारिज होने पर विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

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