
YC न्यूज़ डेस्क । अपने नाम और दस्तावेजों पर जारी मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को देना अब भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कनेक्शन के गलत इस्तेमाल, फर्जी पहचान से सिम लेने और IMEI से छेड़छाड़ जैसे मामलों को लेकर लोगों को सतर्क किया है। विभाग ने नागरिकों से अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करने की अपील की है। सरकार के Sanchar Saathi प्लेटफॉर्म पर मोबाइल यूजर्स अपने नाम पर जारी कनेक्शनों की जानकारी देख सकते हैं। अगर कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे यूजर पहचानता नहीं है, तो उसे रिपोर्ट किया जा सकता है। Sanchar Saathi में इसी उद्देश्य के लिए मोबाइल कनेक्शन की जानकारी देखने और संदिग्ध कनेक्शन की शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध है।
अपने नाम पर कितने सिम चल रहे हैं, ऐसे करें चेक
दूरसंचार विभाग के Sanchar Saathi पोर्टल पर जाकर ‘Know Mobile Connections in Your Name’ सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां मोबाइल नंबर के जरिए OTP सत्यापन के बाद यूजर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी देख सकता है। अगर सूची में कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आपने जारी नहीं कराया या जिसका इस्तेमाल आप नहीं करते हैं, तो उसे संबंधित विकल्प के जरिए रिपोर्ट किया जा सकता है। विभाग की व्यवस्था में रिपोर्ट किए गए कनेक्शन की री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी होती है और सत्यापन में विफल रहने वाले कनेक्शन को डिस्कनेक्ट किया जा सकता है।
Sanchar Saathi की आधिकारिक वेबसाइट
अपनी सिम किसी और को देने से क्यों बढ़ सकता है जोखिम?
यदि आपके नाम पर जारी सिम किसी अन्य व्यक्ति के पास है और उसका इस्तेमाल साइबर अपराध, धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधि में होता है, तो जांच में सबसे पहले उस मोबाइल कनेक्शन के पंजीकृत ग्राहक की जानकारी सामने आ सकती है। इसी वजह से विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने नाम पर जारी सिम को किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने दस्तावेजों से सिम जारी कराना या अपनी सिम किसी अन्य व्यक्ति को सौंपना भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।
फर्जी दस्तावेज से सिम लेने पर भी सख्ती
दूरसंचार व्यवस्था में फर्जी पहचान या गलत दस्तावेजों के जरिए मोबाइल कनेक्शन लेने और उपलब्ध कराने पर कार्रवाई का प्रावधान है। विभाग लगातार ऐसे मोबाइल कनेक्शनों की पहचान और री-वेरिफिकेशन कर रहा है। DoT के अनुसार, देशभर में संचार सुरक्षा व्यवस्था के तहत संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान की जाती है और सत्यापन में विफल कनेक्शनों को बंद किया जा सकता है।
IMEI नंबर से छेड़छाड़ भी अपराध
सरकार ने मोबाइल फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़ को लेकर भी सख्ती की है। IMEI मोबाइल डिवाइस की पहचान करने वाला नंबर है। दूरसंचार विभाग ने IMEI की अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था और उसमें छेड़छाड़ के परिणामों को लेकर निर्माताओं, आयातकों और विक्रेताओं को भी चेतावनी दी है। मोबाइल की वास्तविकता जांचने के लिए Sanchar Saathi के Know Your Mobile (KYM) फीचर का इस्तेमाल किया जा सकता है। विभाग के अनुसार IMEI नंबर फोन में *#06# डायल करके भी देखा जा सकता है।
किसी और का नंबर दिखाकर कॉल करने वाले टूल से भी सावधान
कॉलिंग के दौरान वास्तविक नंबर की जगह किसी दूसरे नंबर को प्रदर्शित करने वाली तकनीकों का गलत इस्तेमाल साइबर अपराध और धोखाधड़ी में किया जा सकता है। ऐसे मामलों में टेलीकॉम नेटवर्क की सुरक्षा और यूजर की पहचान को लेकर जोखिम बढ़ता है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने नाम का मोबाइल कनेक्शन, SIM या पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने से बचना जरूरी है।
एक व्यक्ति के नाम पर कितने सिम हो सकते हैं?
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार सामान्य क्षेत्रों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखे जा सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए यह सीमा 6 कनेक्शन है। DoT की री-वेरिफिकेशन व्यवस्था में निर्धारित सीमा से अधिक कनेक्शन पाए जाने पर अतिरिक्त कनेक्शनों पर कार्रवाई की जा सकती है।
फोन खो जाए तो भी Sanchar Saathi काम आएगा
Sanchar Saathi पर केवल मोबाइल कनेक्शन की जानकारी ही नहीं, बल्कि खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रेस करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा संदिग्ध धोखाधड़ी वाले कॉल और SMS की रिपोर्ट करने के लिए Chakshu सुविधा भी दी गई है।
यूजर्स के लिए जरूरी सावधानियां
- अपने नाम की SIM किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।
- समय-समय पर अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जांच करें।
- अनजान नंबर दिखाई देने पर उसे Sanchar Saathi के जरिए रिपोर्ट करें।
- पहचान पत्र की कॉपी किसी अनजान व्यक्ति या एजेंट को न दें।
- मोबाइल खरीदते समय IMEI की जांच करें।
- फोन खोने या चोरी होने पर तुरंत संबंधित सेवा के जरिए उसे ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू करें।
- संदिग्ध कॉल या SMS मिलने पर Sanchar Saathi के Chakshu फीचर से रिपोर्ट करें।
ध्यान दें: ₹50 लाख तक जुर्माना और 3 साल तक की जेल जैसे दंड का दावा किसी खास अपराध और लागू कानूनी प्रावधान पर निर्भर करता है। इसलिए इसे हर स्थिति में स्वतः लागू होने वाली सजा के रूप में नहीं समझना चाहिए। ऊपर दी गई जानकारी में दंड संबंधी बात को सामान्यीकृत करने के बजाय आधिकारिक दूरसंचार नियमों और संबंधित अपराध की धाराओं के अनुसार देखना जरूरी है।