पाटन जनपद उपचुनाव में कांटे की टक्कर: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, चार प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत,1 जून को होगा मतदान, 5,777 मतदाता करेंगे फैसला

पाटन जनपद उपचुनाव में कांटे की टक्कर: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, चार प्रत्याशियों ने झोंकी ताकत,1 जून को होगा मतदान, 5,777 मतदाता करेंगे फैसला

भाजपा के सुरेंद्र साहू और कांग्रेस समर्थित उर्वशी साहू के बीच मुख्य मुकाबला, जोहार पार्टी और निर्दलीय भी मैदान में
पाटन। जनपद पंचायत पाटन के क्षेत्र क्रमांक-4 के उपचुनाव ने राजनीतिक रूप से दिलचस्प मोड़ ले लिया है। एकमात्र जनपद सदस्य पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं और मतदान से ठीक पहले चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। 1 जून को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा, जिसमें ग्राम पहंदा और साकरा के कुल 5,777 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चुनाव में भाजपा समर्थित सुरेंद्र साहू, कांग्रेस समर्थित उर्वशी साहू, जोहार पार्टी के भूपेंद्र साहू तथा निर्दलीय प्रत्याशी चंदन सिंगोंर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद सभी प्रत्याशी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं और अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा समर्थित सुरेंद्र साहू और कांग्रेस समर्थित उर्वशी साहू के बीच माना जा रहा है। हालांकि जोहार पार्टी के भूपेंद्र साहू और निर्दलीय चंदन सिंगोंर भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की स्थिति में नजर आ रहे हैं।.भाजपा ने चुनाव संचालन की जिम्मेदारी पाटन विधानसभा प्रभारी राजीव अग्रवाल को सौंपी है, जबकि कांग्रेस की ओर से पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोनू साहू मोर्चा संभाले हुए हैं। भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र साहू छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं और रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। संघ पृष्ठभूमि और संगठनात्मक अनुभव को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।

वहीं कांग्रेस समर्थित उर्वशी साहू अपने पति के अधूरे सपनों को पूरा करने के संकल्प के साथ जनता के बीच पहुंच रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है और मतदाता महिला सम्मान के मुद्दे पर मतदान करेंगे।
दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र साहू का दावा है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं और सत्ता पक्ष का विकास एजेंडा उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनका कहना है कि सरकार के कार्यों का लाभ उन्हें चुनाव में मिलेगा।
स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। आम मतदाताओं के बीच चर्चा है कि यदि भाजपा समर्थित सुरेंद्र साहू जीतते हैं तो इसे सत्ता पक्ष की जीत माना जाएगा, जबकि कांग्रेस समर्थित उर्वशी साहू की जीत को पाटन विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभाव के रूप में देखा जाएगा। अब सभी की निगाहें 1 जून के मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं, जो पाटन क्षेत्र की स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे।



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