रायगढ़ | 3 जनवरी 2025। रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प के दौरान महिला आरक्षक के साथ की गई दरिंदगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को जेल दाखिल कराने के दौरान इस घटना से आक्रोशित महिला आरक्षकों ने जिला जेल के बाहर पुलिस वाहन रोक दिया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ जुलूस निकालने की मांग की। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई। गौरतलब है कि तमनार क्षेत्र में जेपीएल कंपनी को आवंटित कोल ब्लॉक के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण आंदोलनरत हैं। 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के बाद से ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता गया। इसी क्रम में 27 दिसंबर 2025 को हजारों ग्रामीणों ने चक्काजाम किया, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।
इस दौरान नाराज भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। झड़प में जहां एक महिला टीआई के साथ मारपीट की गई, वहीं एक महिला आरक्षक को दौड़ाकर पीटा गया, खेत में घसीटा गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया। महिला आरक्षक के साथ हुई इस बर्बर घटना को लेकर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 14 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं और जांच लगातार जारी है।
ग्रामीणों का प्रेस नोट, पुलिस कार्रवाई पर सवाल
इस बीच आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने एक प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि महिला पुलिस से मारपीट की घटना से 14 गांवों का कोई संबंध नहीं है। ग्रामीणों ने दोषियों की पहचान सार्वजनिक करने, उनकी गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष ग्रामीणों पर कार्रवाई की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
उधर, कांग्रेस पार्टी ने भी पुलिस को आगाह करते हुए कहा है कि निर्दोष लोगों को निशाना न बनाया जाए। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्दोष ग्रामीणों पर कार्रवाई होती है, तो पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और प्रशासन क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास कर रहा है।