ग्राम औरी में 3 करोड़ लीटर क्षमता वाले अमृत सरोवर का लोकार्पण, सांसद विजय बघेल बोले- जल संरक्षण से समृद्ध होगा गांव

पाटन। दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने पाटन विकासखंड के ग्राम औरी में लगभग साढ़े तीन एकड़ क्षेत्र में निर्मित अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। करीब 3 करोड़ लीटर जल संग्रहण क्षमता वाला यह सरोवर जल संरक्षण की दिशा में क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सरोवर परिसर में स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर ने इसे आस्था और विकास का नया केंद्र बना दिया है। लोकार्पण के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वरुण पूजा महायज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें सांसद विजय बघेल अपने परिवार के साथ शामिल हुए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा एवं जनकल्याण की कामना की।

अपने संबोधन में सांसद विजय बघेल ने कहा कि ग्रामवासियों की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य गांवों को जल-संपन्न बनाना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह अमृत सरोवर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगा। सांसद ने बताया कि ग्रामवासियों, जनप्रतिनिधियों, संचेती फाउंडेशन और एसएमएस लिमिटेड के सहयोग से यह कार्य मात्र एक माह में पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि यदि यही कार्य पूरी तरह शासकीय प्रक्रिया से कराया जाता, तो इसकी लागत एक करोड़ रुपये से अधिक आती। कार्यक्रम के दौरान “हर आंगन एक पेड़” अभियान के तहत अमृत सरोवर एवं मुक्तिधाम परिसर में पीपल, बरगद, नीम और आम सहित विभिन्न पौधों का वृक्षारोपण किया गया। सांसद विजय बघेल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।

इस अवसर पर संजय बघेल, कीर्ति नायक, कमलेश वर्मा, नीलम चंद्राकर, कस्तूरी बंजारे, पवन शर्मा, तृप्ति चंद्राकर, भागचंद जैन, राजा पाठक, राजेश चंद्राकर, कमलेश चंद्राकर, दीपक चंद्राकर, संदीप चंद्राकर तथा ग्राम सरपंच कलेन्द्री मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राजेश वर्मा, पन्ना चंद्राकर, सचिन चंद्राकर, राजू साहू, चेतन चंद्राकर, कमलेश साहू, चंचल यादव, अजीत चंद्राकर, कुलदीप बैसवाड़े, डॉ. आलोक पाल, राजू सोनकर, शुभम शर्मा, अरविंद पाल, गोपाल कृष्ण वर्मा, राजकुमार चंद्राकर, रामकुमार धनकर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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