
कर्तव्य में लापरवाही व अभद्र व्यवहार का माना गया मामला
दुर्ग, 1 जून 2026। सुशासन तिहार के दौरान थनौद गांव में भाजपा कार्यकर्ता से विवाद और अभद्र व्यवहार के आरोपों में घिरे जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय पर आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई हो गई है। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्य नारायण राठौर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।जारी आदेश के अनुसार, सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर दुर्ग की अनुशंसा पर आयुक्त ने कार्रवाई की।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि वायरल वीडियो के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ कि जनपद CEO द्वारा आम जनता के साथ शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार नहीं किया गया, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत है। इससे पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। आयुक्त द्वारा जारी आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
गौरतलब है कि 30 मई को थनौद में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत को लेकर जनपद CEO और कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हो गई थी। वायरल वीडियो में अधिकारी को उंगली दिखाते हुए “जो करना है कर लो” कहते हुए देखा गया था। उस समय दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी मौके पर मौजूद थे। घटना के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में मामला लगातार चर्चा में था। अब निलंबन की कार्रवाई के बाद यह साफ संकेत माना जा रहा है कि सुशासन तिहार जैसे जनसंपर्क कार्यक्रमों में अधिकारियों के आचरण को लेकर सरकार और प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
फिलहाल जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े को सौंपा गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।