
बेमेतरा की अव्यवस्था पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान, कलेक्टर से पहले हुई थी चर्चा
रायपुर, 1 जून 2026। बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा कलेक्टर और एसपी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटनाक्रम पर पहली बार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन को लेकर कलेक्टर ने पहले उनसे चर्चा की थी और उनकी सहमति के बाद ही आयोजन की तैयारी की गई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार कार्यक्रम की व्यवस्थाएं पूरी थीं, लेकिन अचानक हुई बारिश के कारण हालात बिगड़ गए और अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वैकल्पिक स्थल के रूप में माहेश्वरी भवन पर भी विचार किया गया था, लेकिन समयाभाव के कारण यह संभव नहीं हो सका। बाद में कार्यक्रम को पुराने विश्राम गृह के सभागार में आयोजित करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित संभाग के कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई और निर्णय लिए जाएंगे।
इधर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी विधानसभा अध्यक्ष की नाराजगी को उचित बताते हुए कहा कि डॉ. रमन सिंह प्रदेश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और उनकी बातों को प्रशासनिक अधिकारियों को गंभीरता से लेना चाहिए।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में तंज कसते हुए कहा कि “डॉक्टर साहब का गुस्सा बता रहा है कि सरकार की सेहत ठीक नहीं है।” बेमेतरा की इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही, वीआईपी प्रोटोकॉल और कार्यक्रम प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें कमिश्नर की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।