भारत के पहले ‘सिंदूर गार्डन’ को मिला नया जीवन, बालू राम वर्मा की मेहनत से फिर हरे हुए पौधे

भिलाई। सेक्टर-5 भिलाई स्थित भारत के पहले ‘सिंदूर गार्डन’ को पर्यावरण प्रेमी बालू राम वर्मा और उनकी टीम की सतत मेहनत से नया जीवन मिला है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर की स्मृति में सांसद श्री विजय बघेल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों द्वारा हर्षोल्लास के साथ यहां सिंदूर के पौधे रोपे गए थे, लेकिन समय पर देखभाल और नियमित सिंचाई के अभाव में पौधे सूखकर मुरझाने लगे थे। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए भिलाई के जाने-माने पर्यावरण प्रेमी बालू राम वर्मा ने गार्डन को पुनः हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी टीम के साथ नियमित पानी, देखरेख और संरक्षण का जिम्मा उठाया। कुछ ही दिनों की सतत मेहनत का परिणाम यह रहा कि मुरझाए पौधों में फिर से नई पत्तियाँ आने लगी हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए चारों ओर जाली भी लगाई गई है, ताकि मवेशियों से उन्हें नुकसान न पहुंचे। यह सेवा कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक ये पौधे पूर्ण रूप से वृक्ष का स्वरूप नहीं ले लेते।

उल्लेखनीय है कि आज के दौर में जहां कई लोग केवल औपचारिकता निभाने के लिए वृक्षारोपण कर सुर्खियाँ बटोरते हैं, वहीं बालू राम वर्मा जैसे लोग पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन उद्देश्य मानते हैं। भिलाई शहर के विभिन्न क्षेत्रों में वे स्वयं के खर्च पर पौधों की सेवा, सिंचाई और वृक्षारोपण करते नजर आते हैं। रशियन क्वार्टर क्षेत्र में उनकी स्वयं की नर्सरी है, जहां से वे निःशुल्क पौधों का वितरण भी करते हैं। सेक्टर-5 का सिंदूर गार्डन आज उनकी निष्ठा, समर्पण और सच्चे पर्यावरण प्रेम का जीवंत उदाहरण बन चुका है। पर्यावरण मित्र मंडल भिलाई पर्यावरण संस्था के सदस्यों के सहयोग से इस गार्डन को नया जीवन मिला है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सिंदूर गार्डन पहुंचकर इस प्रेरणादायक पहल को देखें और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सहभागी बनें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *