
रीजनल साइंस सेंटर में ‘द आर्ट ऑफ टीचिंग मैथेमैटिक्स’ प्रशिक्षण; प्रयोग, प्रश्नोत्तर और रचनात्मक गतिविधियों से गणित को आसान बनाने पर जोर
रायपुर, 23 सितंबर 2026। विद्यार्थियों के बीच गणित को लेकर बनी झिझक और डर को रुचि एवं जिज्ञासा में बदलने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर में मंगलवार को ‘द आर्ट ऑफ टीचिंग मैथेमैटिक्स: फ्रॉम फियर टू फैसिनेशन’ विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शिक्षकों को गणितीय अवधारणाओं को सरल, रोचक और प्रयोगात्मक तरीके से समझाने के लिए गतिविधि आधारित एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सोनमणि बोरा तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में गणित को केवल पाठ्यपुस्तक, सूत्रों और गणनाओं तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन, अनुभव, गतिविधियों और रचनात्मकता से जोड़कर पढ़ाने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसी शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि और जिज्ञासा बढ़ाने के साथ उनकी तार्किक सोच विकसित करने में सहायक हो सकती है। कार्यक्रम के विशेषज्ञ इंजीनियर, ऑल इंडिया रामानुजन सोसाइटी के निदेशक एवं रामानुजन टैलेंट सर्च फाउंडेशन, बेंगलुरु के मैथ्स कोच बी.एन. राव ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधि आधारित एवं नवाचारपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से गणितीय अवधारणाओं को सहज ढंग से समझाने के तरीके प्रदर्शित किए। उन्होंने कक्षा में विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सक्रिय सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
जब शिक्षक खुद बने विद्यार्थी, गतिविधियों से समझीं गणितीय अवधारणाएं
प्रशिक्षण सत्र के दौरान शिक्षकों ने स्वयं विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर गणितीय अवधारणाओं को समझा। छोटे-छोटे प्रयोग, प्रश्नोत्तर और रचनात्मक अभ्यासों के जरिए यह प्रदर्शित किया गया कि कठिन प्रतीत होने वाली अवधारणाओं को भी सरल एवं आनंददायक तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही शिक्षकों ने इन तकनीकों को अपनी कक्षाओं में लागू करने के व्यावहारिक तरीकों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में रायपुर के चार विकासखंडों के शिक्षकों ने ऑफलाइन सहभागिता की, जबकि पूरे रायपुर जिले के शिक्षकों के लिए इसका ऑनलाइन प्रसारण किया गया। इससे जिले के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षक भी गतिविधि आधारित गणित शिक्षण की नई विधियों से जुड़े।
इंटरैक्टिव सत्र में गणित शिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों के साथ संवाद हुआ। गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करने तथा उनमें तार्किक और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता रही। प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर गणित शिक्षण के नए दृष्टिकोणों को समझा और अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए। इसी क्रम में 23 सितंबर को बी.एड. विद्यार्थियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।