धमधा (दुर्ग)। सांस्कृतिक कॉलेज, ग्राम खपरी में “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वार्ता का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से माता सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन और छत्तीसगढ़ महतारी वंदना के साथ हुई। अतिथियों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का आकर्षक प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा। दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल ने विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखकर उनकी प्रशंसा की और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
आयोजन में देव संस्कृति प्रतिनिधि — श्री प्रशांत श्रीवास्तव,दुर्ग विश्वविद्यालय — डॉ. हेमचंद यादव,विभाग जूलॉजी — सुश्री सारिका शर्मा,जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली — डॉ. ज्योति शर्मा,निदेशक — सुश्री ज्योति दुबे,हेड — सुश्री ममता दुबे आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. ज्योति शर्मा ने कहा कि “भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच सेतु निर्माण ही नए भारत के निर्माण का मूल आधार है। अंत में निदेशक डॉ. ज्योति शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय की दिशा में सार्थक संदेश दिया
• सांसद विजय बघेल ने कहा भारत राम, कृष्ण और शिव की धरोहर वाला देश –
सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि भारत संतों, साधुओं, सनातन परंपराओं और राम–कृष्ण–शिव की आध्यात्मिक धरोहर वाला देश है। उन्होंने कहा कि—“गुलामी के दौर में हमारी गुरुकुल परंपरा को समाप्त किया गया और अंग्रेज़ी शिक्षा पद्धति हम पर थोपी गई, जिससे हमारी जड़ों को क्षति पहुँची। अब नए भारत में भारतीय शिक्षा पद्धति को पुनः स्थापित करने के लिए व्यापक कार्य हो रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद शिक्षा क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार हुए हैं और नया भारतीय पाठ्यक्रम भारतीयता के मूल्यों को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कदम है।
• प्राकृतिक उर्वरकों पर विशेष प्रदर्शन
कार्यक्रम में प्राकृतिक उर्वरक निर्माण पर लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया।चाय की पत्तियों से तैयार जैविक खाद,पौधों के फंगस रोगों से प्राकृतिक नियंत्रण,मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने वाले कम लागत वाले जैविक उपाय आदि ये तकनीकें रासायनिक दवाओं की तुलना में अधिक सुरक्षित और किफायती विकल्प के रूप में प्रदर्शित की गईं।